देहरादून के जिलाधिकारी आर राजेश कुमार ने डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पांस टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू रोग की रोकथाम के संबंध में जन जागरूकता फैलाने को कहा।
देहरादूनः मानसून के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में डेंगू से बचाव और बचाव को लेकर बैठक की जा रही है. इसी कड़ी में डीएम आर राजेश कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर डेंगू से बचाव को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए. जागरूकता टीम के साथ-साथ क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पांस टीम बनाने को भी कहा।
देहरादून के जिलाधिकारी आर राजेश कुमार ने मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डेंगू की प्रभावी रोकथाम के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्यूआरटी बनाने का निर्देश दिया. जिसमें स्वास्थ्य विभाग, आशा, आंगनवाड़ी, पर्यवेक्षक, नगर निरीक्षक, नगर पालिका, पंचायती राज विभाग और पुलिस विभाग के लोगों को भाग लेने के लिए कहा गया है. साथ ही डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जन जागरूकता फैलाने और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
डीएम राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि जिन निर्माण एजेंसियों का काम चल रहा है, उनमें पानी जमा न हो. जिन क्षेत्रों से डेंगू के अधिक मरीज आ रहे हैं और जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में डेंगू के अधिक मरीज मिले हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही उनकी निगरानी भी की जाए। उन्होंने नगर निगम को डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग मशीन से दवाओं का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जन जागरूकता अभियान में एनसीसी, एनएसएस, गैर सरकारी संगठनों और नागरिक समाज का भी सहयोग लिया जाना चाहिए. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को डेंगू के लक्षण और बचाव के बारे में जागरूक किया जा सके। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि स्कूलों में बच्चों को फुल ड्रेस में बुलाएं (शरीर के सभी अंग ढके हों). इसके लिए सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों को निर्देशित किया जाए।
बच्चों को डेंगू से बचाव के उपायों (खाली बर्तनों, गमलों, छतों, खुली बोतलों, कूलरों, नालियों आदि में पानी नहीं ठहरना चाहिए) के बारे में भी जागरूक किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के प्रति जन जागरूकता के लिए एक डाक्यूमेंट्री बनाकर सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने, वाट्सएप व सोशल मीडिया पर प्रसारित व प्रचारित करने को कहा गया। साथ ही पोस्टर, पैम्फलेट बांटने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कार्यालयों में सप्ताह में 2 दिन डेंगू उन्मूलन अभियान चलाने को कहा।
डेंगू के लक्षण क्या हैं? तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द। शरीर में लाल चकत्ते भी पड़ जाते हैं। साथ ही आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होता है। कमजोरी और भूख न लगना भी इस रोग का एक लक्षण है। इसके साथ ही सिरदर्द और उल्टी की भी शिकायत होती है।
डेंगू से कैसे बचेंः डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, टायर, गमले समेत अन्य जगहों पर पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। जब पानी एक जगह जमा हो जाता है तो लार्वा तेजी से बढ़ते हैं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं।
ऐसे कपड़े पहनें जो पूरे शरीर को ढक सकें। डेंगू जैसे लक्षण महसूस होने पर खूब पानी पिएं। साथ ही बुखार होने पर पैरासिटामोल भी ले सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात पर्याप्त मात्रा में आराम करना है। डेंगू के लक्षण दिखने पर डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
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