थोर्प ने न्यूयॉर्क जायंट्स, सिनसिनाटी रेड्स और बोस्टन ब्रेव्स के लिए पेशेवर बेसबॉल खेला। वह वर्ष 1931 में एनएफएल की ऑल डक टीम के सदस्य थे। उन्होंने वर्ष 1928 में 41 वर्ष की आयु में पेशेवर फुटबॉल से संन्यास ले लिया। वह प्रो फुटबॉल हॉल ऑफ फ़ेम के सदस्य भी थे।
लुसाने: दुनिया के महानतम एथलीटों में से एक, अमेरिका के जिम थोर्प ने 1912 के ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड के पैथलॉन और डेकाथलॉन स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। किसी कारण से ये पदक उनसे छीन लिए गए और उनका नाम रिकॉर्ड बुक से भी हटा दिया गया। अब 110 साल बाद थोर्प को विजेता घोषित किया गया है।
आपको बता दें, थोर्प का निधन साल 1953 में हुआ था। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने उनके पदक जीतने की 110वीं वर्षगांठ पर यह घोषणा की। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाख ने कहा- हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह एक असाधारण और अनोखी स्थिति थी।
यह पूरा मामला ओलम्पिक के नियम व शर्तों से जुड़ा था। शौकिया (गैर-पेशेवर) खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेते हैं। वहीं अगर कोई खिलाड़ी खेल के बदले पैसे लेता है तो उसे पेशेवर माना जाएगा। पेशेवर खिलाड़ी ओलंपिक में भाग नहीं ले सकते। थोर्प ने बेसबॉल लीग में दो सीज़न खेलने के लिए पैसे लिए। ऐसा करके वह एक पेशेवर खिलाड़ी बन गए और इस वजह से वह ओलंपिक में भाग लेने के योग्य नहीं थे। इस घटना के सामने आने के बाद उनके मेडल छीन लिए गए।
लगभग दो साल पहले, ब्राइट पाथ स्ट्रॉन्ग ग्रुप द्वारा थोर्प के सम्मान को बहाल करने के लिए एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें उन्हें 1912 में दोनों स्पर्धाओं का विजेता घोषित करने का आग्रह किया गया था। आईओसी का कहना है कि विश्व एथलेटिक्स भी अपने रिकॉर्ड में संशोधन करने के लिए सहमत हो गया है।