3 अगस्त से लापता अंजलि उर्फ प्रिया आर्या का शव हल्द्वानी के लालकुआं इलाके से बरामद किया गया है. अंजलि की हत्या शादी के दबाव में की गई है। इस मामले में पुलिस आरोपी के पास अंजलि के सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए पहुंची।
हल्द्वानी: लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के खड़कपुर से तीन अगस्त से लापता 17 वर्षीय नाबालिग अंजलि उर्फ प्रिया आर्य की हत्या कर दी गई। हल्द्वानी पुलिस ने आज इस मामले में एक बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में यामीन अहमद और सचिन सक्सेना नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। किशोरी की तलाश करते हुए पुलिस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट की तलाशी ली तो परत दर परत खुलासा हुआ।
दरअसल 3 अगस्त को प्रिया घर से निकलकर लापता हो गई थी, जिसके बाद लालकुआं कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। प्रिया के फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसकी दोस्ती उधमसिंह नगर जिले के किच्छा पुलभट्टा निवासी यामीन नाम के युवक से थी। वह उससे पहले भी कई बार मिल चुकी हैं।
एसपी सिटी हरवंश सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला है कि किशोरी ने अपनी मां के मोबाइल नंबर से लड़के से बात की थी. तब से वह लापता थी। यह भी पता चला कि किशोरी दो ऑटो चालकों के साथ गई थी। इसी सुराग के आधार पर एक-एक कर पूछताछ शुरू की गई तो पूरी घटना का पता चला। पुलिस यामीन और सचिन नाम के दो युवकों तक पहुंची। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी से पूछताछ में पता चला कि प्रिया यामीन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, इसलिए उसे जंगल में ले जाकर गला रेत कर हत्या कर दी गई। आरोपी के कहने पर शव (नाबालिग लड़की प्रिया आर्या का शव मिला) को भी मौके से बरामद कर लिया गया है। लड़की की हत्या के बाद किच्छा कोतवाली इलाके में यूपी बॉर्डर के पास बारा में उसके शव को फेंक दिया गया। उधर, घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने चौकी पर प्रदर्शन कर पुलिस पर पूरे मामले में लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो आज लड़की जिंदा होती। ग्राम प्रधान शंकर जोशी ने हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी कृपाल सिंह को निलंबित करने की मांग की है।