नयी दिल्ली: भारत के वरिष्ठ फोटो पत्रकारों ने फोटो पत्रकारिता के नए आयाम बनाने और कहानियों को कहने के नए तरीके खोजने पर जोर दिया है।
ये विचार फोटो पत्रकारों ने शुक्रवार को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के सहयोग से वर्किंग न्यूज कैमरामैन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 'फोटोजर्नलिज्म: चुनौतियां और अवसर' विषय पर एक खुली चर्चा के दौरान व्यक्त किए।
फोटो जर्नलिस्ट इस बात से सहमत लगते हैं कि मीडिया का परिदृश्य बदल गया है, लेकिन फोटोग्राफी की कला खत्म नहीं हुई है और इसे तलाशने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में फोटो पत्रकारों के लिए अवसर बढ़े हैं और कला के इस नए आयाम को पहचानने और उसके इर्द-गिर्द काम करने की जरूरत है।
चर्चा में खतरनाक या संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने के लिए भेजे जाने से पहले फोटो पत्रकारों के उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।