साल 2019 में देहरादून सहसपुर के छारबा इलाके में आरोपी ने 10 साल की नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया था। वहीं इस मामले में पीड़िता के परिजनों ने सहसपुर थाने में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद कोर्ट ने तमाम सबूतों के आधार पर आरोपी को 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
देहरादून: पोक्सो कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य-सबूत के आधार पर धारा 376 के तहत 10 वर्षीय नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोपी को 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं पोक्सो कोर्ट की स्पेशल जज मीना दीपा की कोर्ट ने आरोपी सलीम पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। पीड़ित को जुर्माने की राशि में से 40 हजार मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, जुर्माने की राशि का भुगतान न करने की स्थिति में आरोपी सलीम को 3 महीने की अतिरिक्त कड़ी सजा भुगतनी होगी। इस मामले में दोषी करार दिए गए सलीम को धारा 506 (हत्या की धमकी) के मामले में अलग से 2 साल की सजा सुनाई गई है।
देहरादून पोक्सो कोर्ट की सरकारी अधिवक्ता जया ठाकुर के मुताबिक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला 22 फरवरी 2019 का है। थाना सहसपुर के छारबा इलाके में 22 फरवरी को स्कूल से आने के बाद जब 10 साल की बच्ची घर पर अकेली थी। इसका फायदा उठाकर सलीम नाम के एक आरोपी ने घर में घुसकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जिसके बाद आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय लड़की के माता-पिता सेलाकुई फैक्ट्री में ड्यूटी पर थे।
सरकारी वकील जय ठाकुर के मुताबिक इस घटना के बाद से बच्ची दो दिन से घर में बदहवास हालत में घर पर गुमशुम पड़ी रही। घटना के दो दिन बाद 24 फरवरी 2022 को जब माता-पिता ने किसी तरह बच्ची से इलाज के बाद उसका हालचाल पूछा तो लड़की ने अपनी आपबीती बताई. इससे पहले भी वह ऐसा कारनामा कर चुका है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के माता-पिता ने सलीम के खिलाफ थाना सहसपुर में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवती के 164 के बयान, मेडिकल रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सलीम को गिरफ्तार कर लिया।