मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। इसके साथ ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि खोटीला व्यासनगर के पास काली नदी में करीब दो किमी लंबी झील बनने से व्यासनगर के 50 से ज्यादा घर जलमग्न हो गए हैं।
देहरादून: पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद भारी नुकसान की खबर सामने आई है। आपदा में लोगों की जान बचाने के लिए जिला प्रशासन मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगा हुआ है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सीएम धामी ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
राज्य के सीमांत सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में देर रात भारत-नेपाल सीमा पर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। पिथौरागढ़ के धारचूला के खोटीला में भी बादल फटने के दौरान पिथौरागढ़ को नेपाल से जोड़ने वाली काली नदी में भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही खोटीला व्यासनगर के पास काली नदी में करीब दो किमी लंबी झील बनने से व्यासनगर के 50 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। वहीं, नेपाल के लस्कू में पुल के उस पार भारी बारिश से तबाही मच गई है।
आपदा प्रबंधन, राजस्व दल, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें इस इलाके में राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। इसके साथ ही प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस क्षेत्र में समय-समय पर आपदाएं आती रहती हैं, फिलहाल यहां राहत कार्य चल रहा है। सरकार की प्राथमिकता सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।