नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव में अभी 18 महीने बाकी हैं, लेकिन देश में बीजेपी के साथ-साथ विपक्ष ने भी तैयारी शुरू कर दी है। क्या विपक्ष के पास पीएम मोदी को टक्कर देने वाला नेता है? इसे लेकर एबीपी न्यूज ने देश के राजनीतिक मिजाज को लेकर एक सर्वे किया। सबसे पहले सर्वे में देश के राजनीतिक मिजाज को लेकर सवाल पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने में सफल होंगे। 56 फीसदी लोगों ने इस सवाल को ना कह दिया। वहीं बीजेपी इसे सत्ता का भूखा बता रही है। वहीं लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार के विपक्षी दल के नेता बनने से बीजेपी को फायदा होगा। सर्वे में 53 फीसदी लोगों ने कहा कि नीतीश कुमार के पीएम उम्मीदवार बनने से बीजेपी को फायदा होगा।
क्या भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस को फायदा होगा?
सर्वे में सवाल पूछा गया था कि क्या भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस को फायदा होगा। इस सवाल के जवाब में 50 फीसदी लोगों ने कहा कि इससे कांग्रेस को फायदा होगा। वहीं 50 फीसदी लोगों ने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा। वहीं, अगर बाहर से कोई कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनता है, तो क्या फायदा होगा? इस सवाल के जवाब में 64 फीसदी लोगों ने कहा कि गांधी परिवार के बाहर अगर कांग्रेस अध्यक्ष है तो इससे पार्टी को फायदा होगा।
2024 में मोदी के लिए चुनौती बनेंगे केजरीवाल?
सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि क्या अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी के लिए चुनौती बनेंगे? इस सवाल के जवाब में 67 फीसदी लोगों ने कहा कि हां केजरीवाल पीएम मोदी के लिए चुनौती बनेंगे। जबकि 23 फीसदी लोगों ने कहा कि केजरीवाल पीएम मोदी के लिए चुनौती नहीं बनेंगे। राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि अरविंद केजरीवाल का तौर-तरीका बिल्कुल पीएम मोदी जैसा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल भी बीजेपी की ट्रोल आर्मी की तरह हवा बनाने में कामयाब हो जाते हैं।
मदरसों के सर्वे से बीजेपी को फायदा होगा?
यूपी में मदरसों के सर्वे को लेकर भी सवाल उठाया गया था। क्या यूपी में मदरसों का सर्वे होना चाहिए? इस सवाल के जवाब में 69 फीसदी लोगों ने कहा कि हां, सर्वे होना चाहिए। 31 फीसदी लोगों ने कहा कि मदरसों का सर्वे नहीं होना चाहिए। वहीं, यूपी में मदरसों के सर्वे को लेकर कांग्रेस ने कहा कि सर्वे होना चाहिए लेकिन इसके पीछे क्या मंशा है, यह जरूरी है, कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार को ईमानदारी से काम करना चाहिए।
क्या यूपी की तरह देशभर में मदरसों का सर्वे होना चाहिए? इस सवाल के जवाब में 75 फीसदी लोगों ने कहा कि हां, यूपी की तर्ज पर देश में मदरसों का सर्वे होना चाहिए। वहीं, 25 फीसदी लोग इसके खिलाफ थे। क्या मदरसों के सर्वे से बीजेपी को होगा फायदा? इस सवाल के जवाब में 60 फीसदी लोगों ने कहा कि हां, इससे बीजेपी को फायदा होगा। इससे साफ साबित होता है कि मदरसों के सर्वे बीजेपी को सीधा राजनीतिक फायदा उठाने की बात सही साबित हो रही है।
जाति धर्म के मुद्दों पर भारी पड़ेगा मोदी फैक्टर
क्या लोकसभा चुनाव में जाति धर्म के मुद्दों पर भारी पड़ेगा मोदी फैक्टर? इस सवाल के जवाब में 60 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी के पक्ष में जवाब दिया। 60 फीसदी लोगों ने कहा कि हां जाति-धर्म के मुद्दों पर पीएम मोदी की बात भारी पड़ेगी।