नयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक "अशिष्ट व्यक्ति" थे, लेकिन उन्होंने राज्यसभा से अपने विदाई भाषण के दौरान आतंकवाद से संबंधित घटना को याद करते हुए करुणा दिखाई। .
कांग्रेस ने पार्टी छोड़ने के बाद आजाद पर "मोदी-मय" बनने का आरोप लगाया था। कई नेताओं ने पिछले साल फरवरी में राज्यसभा में उनके भाषण का जिक्र करते हुए मोदी पर निशाना साधा था, जिसमें मोदी ने आजाद की "सच्चे दोस्त" के रूप में प्रशंसा की थी। उस दौरान मोदी की आंखों से आंसू छलक पड़े थे।
मोदी ने 2007 में जम्मू-कश्मीर में गुजरात से लोगों को ले जा रही एक बस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद आजाद के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया था। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे जबकि आजाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे।
पत्रकारों से बात करते हुए आजाद ने कहा कि विदाई के मौके पर मोदी के भावुक भाषण को कुछ “जाहिल” कांग्रेसियों ने अलग रंग दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों ने सदन में जो भावना व्यक्त की वह एक दुर्घटना के बारे में थी न कि एक दूसरे के बारे में।
उन्होंने कहा, "मैं मोदी जी को एक असभ्य आदमी मानता था। सोचा कि उन्होंने शादी नहीं की और उनके बच्चे नहीं थे, उन्हें परवाह नहीं थी। लेकिन कम से कम उन्होंने मानवता दिखाई।"
उन्होंने गुजरात की एक पर्यटक बस में ग्रेनेड विस्फोट के बाद की दर्दनाक कहानी भी सुनाई।
आजाद ने कहा, 'जब गुजरात के मुख्यमंत्री ने मुझे फोन किया तो मैं जोर-जोर से रो रहा था. उन्होंने मुझे रोते हुए सुना और उनसे कहा गया कि मैं इस समय बात नहीं कर सकता।"
कांग्रेस के पूर्व नेता ने कहा, "जब मैंने मुख्यमंत्री से मृतकों और घायलों के लिए एक-एक विमान भेजने को कहा, तो मैं फिर रोने लगा..वह (मोदी) मेरी हालत का जिक्र करते हुए भावुक हो गए।"
राज्यसभा में मोदी के आंसुओं को याद करते हुए आजाद ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने इस दुखद घटना और अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बात की तो वह भी भावुक हो गए।