कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बीचोबीच बहने वाली रामगंगा के तटीय क्षेत्र में मगरमच्छों और घड़ियालों के अच्छे प्रजनन से अधिकारी बेहद खुश हैं। बताया जा रहा है कि नदी के कई ऐसे इलाके मिले हैं, जहां इन दोनों जलीय जीवों ने किनारे पर अंडे दिए हैं। उन्होंने बताया कि हमने घड़ियाल और मगरमच्छों के अंडों की सुरक्षा और इन जीवों की रक्षा के लिए कैमरा ट्रैप भी लगाए हैं।
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से एक अच्छी खबर सामने आ रही है, जिससे रामनगर कॉर्बेट प्रशासन के अधिकारी काफी खुश हैं। इसका कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के मध्य में बहने वाली रामगंगा के तटीय क्षेत्र में मगरमच्छों और घड़ियालों का अच्छा प्रजनन है।
आपको बता दें कि विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का वातावरण वन्य जीवों के लिए अनुकूल माना जाता है। जिससे कॉर्बेट में बाघ, गुलदार, हाथी समेत अन्य वन्य जीवों के साथ-साथ जल जीवों और पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब कॉर्बेट का वातावरण जलीय जीव भी पसंद करते हैं। कॉर्बेट पार्क के बीच से गुजरने वाली रामगंगा नदी में भी मगरमच्छ और घड़ियाल रहते हैं। जिसमें घड़ियाल और मगरमच्छों के लगातार प्रजनन से कॉर्बेट प्रशासन गदगद नजर आ रहा है।
गौरतलब है कि दो माह पूर्व कॉर्बेट के सरपदुली क्षेत्र में रामगंगा नदी में मगरमच्छ ने 40 अंडे दिए थे, जिनमें से जुलाई माह में छोटे-छोटे मगरमच्छ निकले। कॉर्बेट पार्क के निदेशक धीरज पांडेय ने कहा कि रामगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में मगरमच्छ और घड़ियाल का अच्छा प्रजनन हुआ है। उन्होंने बताया कि हमें नदी के कई ऐसे इलाके मिले हैं जहां इन दोनों जलीय जीवों ने किनारे पर अंडे दिए हैं. उन्होंने बताया कि हमने मगरमच्छों के अंडों की सुरक्षा और इन जीवों की रक्षा के लिए कैमरा ट्रैप भी लगाए हैं. उन्होंने कहा कि वनकर्मी भी लगातार निगरानी कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा संकेत है कि यह माहौल उनके लिए अनुकूल है। धीरज पांडे ने कहा कि जल्द ही वह एक प्रोजेक्ट तैयार करेंगे और इनके बारे में और जानकारी जुटाएंगे।