नई दिल्ली: महंगाई से जूझ रहे आम लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने दो योजनाओं के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कल्याणकारी योजनाओं के लिए रियायती दर पर चना दाल बेचने की भी अनुमति दी है। दालों की आपूर्ति मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत खरीदी गई दालों के स्टॉक से राज्यों को दी जाएगी।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि सीसीपीए ने पीएसएस के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद की सीमा 25 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 15 लाख मीट्रिक टन चना दाल को निर्गम मूल्य पर 8 रुपये प्रति किलो की छूट पर खरीदने की अनुमति दी जा रही है। यह सेल पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। राज्य विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। इसमें मिड डे मील, पीडीएस, आईसीडीपी आदि योजनाएं शामिल हैं।
यह छूट राज्यों को एक साल के लिए या 15 लाख टन चना दाल की बिक्री पूरी होने तक दी जा रही है। इस योजना पर केंद्र सरकार 1200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे आने वाली फसल के लिए गोदामों में जगह बनाई जाएगी और पीएसएस योजना के तहत किसानों से चना खरीदा जा सकेगा। इससे किसानों को दलहन उगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा और देश दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार ने 2022-23 के दौरान चने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की है। इससे पीएसएस के तहत अधिक खरीद होने की उम्मीद है।