देहरादून : मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ द्वारा "निजीकरण राष्ट्र और संविधान विरोधी क्यो और कैसै" का संगोष्ठी का आयोजन प्रेस कल्ब मे हुआ।
विषय पर अपनी बात रखते हुए वक्ताओ ने कहा कि सरकारी संस्थानो का निजीकरण राष्ट्रहित ,संविधान के खिलाफ और संविधान के समाजवादी दर्शन के खिलाफ है। कुछ चुनिंदा लोगो के हाथ मे देश की अर्थव्यव्स्था को केंद्रीकरण करने के पक्ष मे है।बहुसंख्यक लोगो को बेबस और लाचार बनाने का तंत्र है।संविधान निर्माताओं ने देश मे निजी संस्थाओं और सरकारी संस्थाओ के साथ - साथ बढाने की वकालत की थी।
सबकुछ निजी हाथों मे सौप दिया जायेगा तो सरकार समाजिक न्याय कैसे संपन्न कर पायेगी? संगोष्ठी की अध्यक्षता मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ की इकाई के राज्य अध्यक्ष 'सुदेश गौतम' ने की।
मुख्य अतिथि माननीय 'सुबर्धन शाह' आईएएस एवम पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त उत्तराखंड़ सरकार ,विशिष्ट अतिथि माननीय 'हाकिम सिंह ' मुख्य तकनीकी अधिकारी आईआईपी रहे। संगोष्ठी मे मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ की जिला इकाई अध्यक्ष डा राजकुमार,उपाध्यक्ष सुशील कुमार ,अनिल टांक व समस्त कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।