उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें अंकिता के पिता और भाई पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। बताया जा रहा है कि इस पोस्ट को विपिन कर्णवाल ने लिखा है। फिलहाल स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद लोगों में एक बार फिर गुस्सा फूट पड़ा है। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें अंकिता के पिता और भाई पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। बताया जा रहा है कि इस पोस्ट को विपिन कर्णवाल ने लिखा है। फिलहाल स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद लोगों में एक बार फिर गुस्सा फूट पड़ा है।
ऋषिकेशः उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से हर कोई सदमे में है. पहाड़ की बेटी की हत्या पर प्रदेश ही नहीं देश की जनता भी शोक व्यक्त कर रही है। लेकिन ऐसे दुखद समय में भी कुछ लोग रुग्ण मानसिकता का परिचय देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो आरएसएस के एक कथित स्वयंसेवक से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में अंकिता और उनके परिवार को लेकर कई तरह के अपमानजनक कमेंट किए गए हैं।
वहीं राज्य की जनता आरएसएस के कथित स्वयंसेवक को लेकर तरह-तरह के कमेंट कर रही है. कई लोग स्क्रीनशॉट शेयर कर मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस तेजी से वायरल हो रहे स्क्रीन शॉट को लेकर भी प्रदर्शन हो सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट में लिखी बातों को लेकर लोग लगातार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं।
वायरल पोस्ट में क्या लिखा है: आरएसएस के तथाकथित स्वयंसेवक विपिन कर्णवाल ने लिखा है कि- पिता ने भूखी बिल्लियों के सामने कच्चा दूध डाल दिया। उन्होंने लिखा कि इसीलिए वह अंकिता के समर्थन में धरना प्रदर्शनों में नहीं गए। इस कथित स्वयंसेवक ने अंकिता के माता-पिता के बारे में कई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की हैं।
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर उपरोक्त पोस्ट करने वाले विपिन कर्णवाल (RSS नेता विपिन कर्णवाल) ने भी इसे स्वीकार कर लिया। विपिन कर्णवाल का कहना है कि उन्होंने बेटियों को सुरक्षित रखते हुए यह पोस्ट किया, लेकिन लोगों ने इसे गलत नजरिए से लिया है। मैं आरोपी को फांसी देने के पक्ष में हूं। मैं इस मामले में किसी भी आरोपी का समर्थन नहीं करता हूं। वहीं दूसरी ओर संघ से जुड़े कथित व्यक्ति की इस तरह की टिप्पणियों से सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी हो रही है।
क्या था मामलाः आपको बता दें कि पौड़ी जिले के नंदलसु पट्टी के दोभ श्रीकोट की रहने वाली अंकिता भंडारी (19) ऋषिकेश के बैराज चिल्ला मार्ग पर गंगापुर भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी. यह रिसॉर्ट बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित का था। अंकिता 28 अगस्त से इस रिजॉर्ट में काम कर रही थी, लेकिन 18 सितंबर को अंकिता रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। जिसके बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं 22 सितंबर तक अंकिता का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद मामला लक्ष्मणझूला थाने में स्थानांतरित कर दिया गया।
पुलिस ने जांच की तो रिजॉर्ट (वनंतरा रिजॉर्ट ऋषिकेश) के संचालक और उसके प्रबंधकों की भूमिका सामने आई। रिजॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि 18 सितंबर की रात करीब 8 बजे अंकिता रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित और भास्कर एक साथ रिजॉर्ट से निकले थे। लेकिन जब वह लौटा तो अंकिता (रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी) उसके साथ नहीं थी। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद तीनों ने राज उगला। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब एसआईटी तीनों आरोपियों की पुलिस हिरासत की मांग कर रही है।