नयी दिल्ली, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) कुशल भू-समकालिक संचार उपग्रहों का निर्माण कर रहा है जिन्हें उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार आवृत्तियों और बैंडविड्थ को बदलकर पुन: कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इसरो चेयरमैन ने सोमवार को यह जानकारी दी।
जियोसिंक्रोनस उपग्रह दूरसंचार, टेलीविजन प्रसारण, उपग्रह समाचार एकत्रीकरण, मौसम पूर्वानुमान, आपदा चेतावनी और खोज और बचाव कार्यों सहित विविध क्षेत्रों में भारत की संचार जरूरतों का मुख्य आधार हैं।
इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम आने वाले वर्षों में कुछ कुशल भू-समकालिक उपग्रह (जीसैट) विकसित करने पर विचार कर रहे हैं, जिन्हें मांग के अनुसार पुन: कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इसको लेकर चर्चा चल रही है।"
वह ह्यूजेस कम्युनिकेशंस की उच्च थ्रूपुट उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवा के राष्ट्रव्यापी लॉन्च के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कुशल जीसैट उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार स्पॉट बीम के आकार को बदलने में सहायक होंगे जो उपग्रह द्वारा भेजे गए लक्षित और उच्च शक्ति वाले रेडियो सिग्नल हैं। ये इन बीमों को प्राप्त करने वाले एंटीना के आकार को बदलने में भी सहायक होंगे।
सोमनाथ ने कहा कि इसरो जहां आंतरिक रूप से प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करेगा, वहीं यह निजी क्षेत्र को ऐसी सेवाओं के विकास और विपणन के लिए प्रोत्साहित करेगा।
हालांकि, उन्होंने इन जीसैट के प्रक्षेपण के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई।