बहन की हत्या के मामले में निचली अदालत ने मृतक के तीन भाइयों को मौत की सजा की सजा सुनाई थी. इस पर उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। इस मामले में निचली अदालत ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को रेफरेंस ऑर्डर भेजा था।
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा फांसी की सजा पाए तीन भाइयों की मौत की सजा के मामले में सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने आरोपी कुलदीप के गवाह को बयान दर्ज करने के लिए समन जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
आज सुनवाई के दौरान तीनों आरोपी अपना बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में पेश हुए। कुलदीप ने कोर्ट में कहा कि उसे अपने बचाव के लिए गवाह पेश करने हैं, जिस पर कोर्ट ने उसके गवाह को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया है।
मामले के अनुसार हरिद्वार जिले के खानपुर में लड़की ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लिया था। इससे नाराज परिजनों ने धारदार हथियार से लड़की की बेरहमी से हत्या कर दी। इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने मृतक के दो सगे भाइयों और चचेरे भाई को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी। उनके आदेश की पुष्टि के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने उच्च न्यायालय को एक संदर्भ आदेश भेजा था।
हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी प्रीति ने वर्ष 2014 में पास के धर्मूपुर गांव निवासी युवक ब्रजमोहन से प्रेम विवाह किया था। उसका परिवार उसकी शादी के खिलाफ था। जिससे उसका अपने मायके आना जाना नहीं था। 18 मई 2018 को प्रीति खानपुर थाना क्षेत्र के आब्दीपुर गांव में अपने मामा संतरपाल के घर आई थी, जहां उसकी धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई। मृतक के पति ब्रजमोहन की ओर से उसके चचेरे भाई राहुल और उसके भाइयों कुलदीप और अरुण के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।