नयी दिल्ली, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को छत्तीसगढ़ में बिझिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के हट्टी समुदाय को अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों को यह जानकारी दी।
ठाकुर ने कहा कि सिरमौर जिले के ट्रांस गिरी क्षेत्र के हट्टी समुदाय के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र में ऐसे ही लोगों को यह दर्जा मिला है. इसलिए यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
वहीं, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि बिझिया समुदाय को उड़िया और झारखंड में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इसमें राज्य से सिफारिश आई थी, भारत के महापंजीयक से परामर्श के बाद और अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष रखा गया और इसे मंजूरी दी गई।
मुंडा ने कहा कि कैबिनेट ने तमिलनाडु के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले नारिकुरवर और कुरुविकरण को भी इस सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।