उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने तीन विभागों के साक्षात्कार रद्द कर दिए हैं।
श्रीनगर: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने भूगोल विभाग में संकाय सदस्य की नियुक्ति पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जवाबी हलफनामा दायर किया है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने भूगोल संकाय में साक्षात्कार स्थगित कर दिए हैं। इसके साथ ही भू-विज्ञान और दूरस्थ विज्ञान के साक्षात्कार भी स्थगित कर दिए गए हैं (तीन विभागों के साक्षात्कार रद्द कर दिए गए हैं)।
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में संकाय सदस्यों (शिक्षकों) की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार 10 से 15 सितंबर के बीच होना था, लेकिन आवेदन रद्द होने के बाद एक उम्मीदवार ने ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द होने की बात कहकर अदालत की शरण में चली गई थी. उसका कहना था विश्वविद्यालय को उसे अनारक्षित श्रेणी में शामिल करना चाहिए था। हाईकोर्ट ने 9 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इसका पालन करने का निर्देश दिया था।
साथ ही यह भी कहा कि आगामी साक्षात्कार अदालत के अगले आदेशों के अधीन होंगे। लेकिन जब तक इस मामले में फैसला नहीं हो जाता, तब तक चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं की जाएगी। वहीं, इस मामले में अगली सुनवाई 24 नवंबर को तय की गई है।
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर जहां पहले ही भूगोल संकाय के साक्षात्कार रद्द कर दिए थे, वहीं आज उसने भूविज्ञान और दूरस्थ विज्ञान विभाग में नियुक्तियों पर भी रोक लगा दी है। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के उप पंजीयक (नियुक्तियां) डॉ संजय ध्यानी ने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भूगोल, दूरस्थ विज्ञान और भूविज्ञान में साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उम्मीदवार को हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग आवेदन करने थे। उक्त उम्मीदवार ने केवल ओबीसी वर्ग में ही आवेदन किया था। उनका प्रमाणपत्र वैध नहीं होने के कारण रद्द कर दिया गया था। डॉ. ध्यानी ने कहा कि अदालत में तत्काल आवेदन और जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया गया है।