बेंगलुरु: कर्नाटक में शनिवार को नई कांग्रेस सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसमें सिद्धारमैया ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने यहां कांटीरावा स्टेडियम में चल रहे समारोह में दोनों नेताओं को पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद दोनों नेता मंत्रियों के साथ विधानसभा पहुंचे। इस दौरान डीके शिवकुमार का अलग अंदाज नजर आया। डीके शिवकुमार ने विधानसभा की सीढ़ियों पर माथा टेकते हुए प्रणाम किया। इसके बाद वह विक्ट्री साइन दिखाते हुए विधानसभा के अंदर चले गए। दरअसल लोकसभा चुनाव जीतने के पहली बार संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी तरह से संसद पर माथा टेका था।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक के लिए विधान सौधा पहुंचे। यहां शिवकुमार ने सम्मान के संकेत के रूप में अपना माथा छूते हुए विधान भवन के सामने सिर झुकाया। बिल्डिंग में घुसने से पहले उन्होंने मीडिया को थम्स-अप और विक्ट्री साइन भी दिखाया।
Karnataka CM Oath: कर्नाटक के मंच से ऑल इज वेल का संदेश, देखें शपथ ग्रहण समारोह की बिग मेसेज वाली तस्वीरें


कर्नाटक के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने के बाद शिवकुमार ने ट्वीट किया कि जैसा कि मैं अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक नई यात्रा शुरू कर रहा हूं, मैं वादा करता हूं कि कांग्रेस सरकार निरंतर प्रगति और सभी के कल्याण की गारंटी देगी।
दूसरी बार सीएम बने सिद्धारमैया
सिद्धारमैया दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर, एम बी पाटिल, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे, वरिष्ठ नेता के एच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, सतीश जार्कीहोली, रामालिंगा रेड्डी और बी जेड जमीर अहमद खान ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोगों से खचाखच भरे श्री कांतीरवा स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में आयोजित हुआ। कांग्रेस ने इस समारोह के माध्यम से विपक्षी एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। नई सरकार के शपथ के तत्काल बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कैबिनेट की पहली बैठक में कांग्रेस की पांचों ‘गारंटी’ कानून का रूप ले लेंगी।