नई दिल्ली: 70 और 80 के दशक में वेस्टइंडीज दुनिया की सबसे खूंखार क्रिकेट टीम थी। उनके पास तेज गेंदबाजों की फौज हुआ करती थी। बैटिंग में क्लाइव लॉयड से लेकर विव रिचर्ड्स, डेसमंड हेन्स और गॉर्डन ग्रीनिज जैसे नाम थे। इसकी की वजह से वेस्टइंडीज ने पहले दोनों वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किए। तीसरे में भी टीम फाइनल तक पहुंची लेकिन भारत से हार गई। इसे आज भी क्रिकेट के सबसे बड़े उलटफेर के रूप में देखा जाता है क्योंकि उस वेस्टइंडीज टीम को टक्कर देना भी बड़ी बात होती थी। लेकिन समय का साथ वेस्टइंडीज क्रिकेट की स्थिति खराब होती चली गई। अब ऐसे हालात हैं कि शायद टीम 2023 वर्ल्ड कप में खेल भी न पाए।
जिम्बाब्वे के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालिफायर के मैच में वेस्टइंडीज को 35 नरों से हार मिली है। 268 रन बनाने के बाद जिम्बाब्वे ने वेस्टइंडीज को 233 रनों पर रोक दिया। यह उनका टूर्नामेंट में सबसे बड़ा स्कोर है। हालांकि इस हार के बाद भी वेस्टइंडीज ने सुपर-6 में जगह बना ली है। सुपर-6 में टॉप-2 पर रहने वाली टीम वर्ल्ड कप क्वालिफायर के फाइनल में पहुंचने के साथ ही वर्ल्ड कप में भी जगह बना लेगी।
इस टूर्नामेंट का नियम ऐसा है, जिससे वेस्टइंडीज के लिए पेंच फंस गया है। जिम्बाब्वे ने अपने ग्रुप की उन दोनों टीमों के हराया है, जिसे सुपर-6 में जगह मिली है। यानी सुपर-6 जिम्बाब्वे 4 पॉइंट के साथ पहुंचेगा। वहीं वेस्टइंडीज ने जिन दो टीमों को हराया है, वो बाहर हो गई हैं। अभी उसे नीदरलैंड्स से खेलना है। अगर वेस्टइंडीज वो मैच जीत भी जाता है तो 2 पॉइंट के साथ ही सुपर-6 में पहुंचेगा। अगर नीदरलैंड ने भी सोमवार को होने वाले मुकाबले में वेस्टइंडीज को हरा दिया तो उसकी उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी।
सुपर-6 में जिम्बाब्वे को 3 मैच खेलने होंगे। उसमें टीम तीनों में जीत हासिल कर लेती है तो 10 पॉइंट के साथ सीधे फाइनल और वर्ल्ड कप में पहुंच जाएगी। वेस्टइंडीज अपने तीनों मैच जीतकर भी 8 पॉइंट तक ही पहुंच पाएगी। दूसरे ग्रुप से श्रीलंका भी सुपर 6 में पहुंचा है। श्रीलंका को हराना दोनों के लिए आसान नहीं होगा। अगर श्रीलंका ने वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों को हराया तो भी वेस्टइंडीज का सफर समाप्त हो सकता है। वेस्टइंडीज को उम्मीद करनी होगी कि श्रीलंका जिम्बाब्वे को हरा दे और वह खुद सभी मैच जीत पाए। इसके बाद बेहतर रन रेट के साथ वेस्टइंडीज वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर पाएगा।