देहरादून/रुद्रप्रयाग: 25 अप्रैल को शुरू हुई केदारनाथ यात्रा (Kedarnath Yatra) में तीर्थ यात्रियों की सुगमता के लिए 5 हजार घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण किया गया था। इसके बाद जब यात्रा बढ़ती हुई दिखाई दी तो इस संख्या को बढ़ाकर 6 हजार कर दी गई। 25 अप्रैल से शुरू हुई बाबा केदार की याद के बाद बारिश शुरू होने से पहले तक धाम में 25 हजार के करीब श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे थे। हालांकि अब बारिश शुरू होने के बाद ये संख्या घटकर 8 से 10 हजार प्रतिदिन हो गई है।
धाम में पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट के कारण केदारनाथ धाम में चल रहे 6000 में से 2500 घोड़े, खच्चर वापस लौट गए हैं। अब 4200 के करीब घोड़े खच्चर यात्रियों को धाम पहुंचा रहे हैं। वहीं यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक तीर्थ यात्रियों को धाम पहुंचा रहे 90 घोड़े-खच्चरों की मौत हो चुकी है। इसी के साथ तीर्थ यात्रियों की सुगमता के लिए संचालित 7 हेली कंपनियों में से 3 हेली कंपनियों ने भी अपना सामान समेट लिया है। 25 अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में यात्रियों की सुगमता के लिए 25 हेली कंपनियों को तीर्थ यात्रियों को धाम लाने-लेजाने का कार्य सौंपा गया था। इसमें से ग्लोबल वेक्ट्रा, थंबी और एरो हेली कंपनियों ने अपना सामान समेट लिया है, जबकि आर्यन एविएशन 26 जून को वापस लौट जाएगा।
तीर्थ यात्रियों की कम होती संख्या के चलते ऑनलाइन हैवी टिकट बुकिंग भी बंद कर दी गई है। यात्रियों की घटती संख्या के बाद वापस हुई। हेली कंपनियों के कारण और तीर्थ यात्रियों के लिए ऑनलाइन हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग बंद कर दी गई है। अब तीर्थ यात्रियों को हाथों-हाथ टिकट काउंटर से टिकट मिल सकेगी।
बारिश के मौसम में केदारनाथ आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार का कष्ट न हो इसलिए 8 जुलाई से गुप्तकाशी से ट्रांस भारत एविएशन और सिरसी से कोटी हिमालयन एविएशन तीर्थ यात्रियों को केदारनाथ धाम तक लाने ले जाने की सेवाएं देंगे। ये दोनों हेली कंपनियां मिलकर 1 दिन में लगभग 400 तीर्थ यात्रियों को ला और ले जा सकेंगी।