पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास में 15 विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। एक अणे मार्ग पर हुई इस मीटिंग में 30 से अधिक विपक्षी नेताओं ने भाग लिया। इस बैठक को भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की रूपरेखा तैयार करने की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान कौन कहां बैठेगा, इसे लेकर भी नाम लिखकर ऐरेंजमेंट किया गया था।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी एकजुटता के अगुआ हैं। मीटिंग हॉल में उनके दाएं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तो बाएं आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव बैठे हुए थे।

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बगल में मिली। ललन सिंह के बगल में मंत्री संजय झा तो तेजस्वी के बाईंओर एनसीपी नेता उमर अबदुल्लाह बैठे थे।

राहुल गांधी पर सबकी नजरें टिकी थी। राहुल गांधी और नीतीश कुमार के बीच में खरगे बैठे हुए थे। बीच-बीच में खरगे से नीतीश कुमार बातें करते रहे। राहुल के बगल में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को जगह मिली।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लालू यादव के बगल में बैठी थीं। उनकी दूसरी ओर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार बैठे हुए हुए थे। इस मीटिंग के लिए सबसे पहले ममता बनर्जी पटना पहुंचीं थीं। उन्होंने लालू का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बगल में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार बैठे हुए थे। जबकि उनकी दूसरी ओर पंजाब के सीएम भगवंत मान को जगह मिली थी। ऑर्डिनेंस मामले पर कांग्रेस की ओर उम्मीद भरी नजरों से केजरीवाल देख रहे हैं।

द्रमुक नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी भी मीटिंग में शामिल रहे।

विपक्ष के 15 राजनीतिक दलों के नेताओं का महाजुटान पटना में हुआ। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करने की रणनीति बनी। साझा रणनीति बनाने पर मंथन किया गया।
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