नई दिल्ली: लगातार हो रही बारिश से दिल्ली और आसपास की सड़कें इन दिनों बार-बार तालाब में तब्दील हो जाती हैं। पानी में फंसने के कारण कारें अचानक बंद हो जाती हैं। इससे इन कार सवारों को तो भारी परेशानी झेलनी ही पड़ती है, सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी पैदा हो रही है। इस समस्या से कैसे निपटा जाए और कार चलाते समय ड्राइवर को क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की जुबानी।
ह्यूंदै (Hyundai) सर्विस स्टेशन के सर्विस मैनेजर देवेश सक्सेना बताते हैं कि अगर सड़क पर ज्यादा पानी भरा हुआ है, तो ऐसी जगह पर कार नहीं घुसानी चाहिए। कितने पानी में गाड़ी चलाना सुरक्षित है, इसके लिए कंपनी ने मानक तय किए हुए हैं। किसी भी स्थिति में पानी में कार का साइलेंसर और एयर फिल्टर नहीं डूबना चाहिए। एयर फिल्टर से ही पानी इंजन में भर जाता है। एक बार इंजन में पानी भर गया तो किसी भी स्थिति में कार स्टार्ट नहीं हो सकती। कार स्टार्ट करने के लिए ड्राइवर को या तो इमरजेंसी में अपने लोकल मेकैनिक को बुलाना पड़ेगा, या फिर कार को क्रेन की मदद से सर्विस स्टेशन पर लाना होगा। पानी में लगातार गाड़ी चलाने से अक्सर देखा गया है कि आगे की नंबर प्लेट टूट जाती है, क्योंकि आगे की तरफ लगातार पानी का प्रेशर नंबर प्लेट पर पड़ता रहता है। बरसात के मौसम में ड्राइविंग करते समय कार के वाइपर ठीक होना भी बहुत जरूरी है।
मारुति सर्विस स्टेशन के सर्विस एडवाइजर सतीश ने बताया कि कंपनी कहती है कि टायर का नीचे वाला हिस्सा आधे से भी कम डूब रहा है, तो कार सुरक्षित है। लेकिन, सड़क पर इससे ज्यादा पानी भरा हुआ है तो ऐसी जगह से कार निकालना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। बारिश में ड्राइविंग करते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जहां पर भी कार खड़ी करनी है, वहां पर हैंडब्रेक बिल्कुल भी न लगाएं। एहतियात के तौर पर कार को गियर में डालकर छोड़ा जा सकता है, या फिर टायर के पीछे ईंट-पत्थर की सपोर्ट भी लगाई जा सकती है। हैंडब्रेक लगाने से क्लचप्लेट चिपक सकती है।
एक्सपर्ट का कहना है कि बरसात के मौसम में इलेक्ट्रिक कार चलाना पेट्रोल-डीजल की कार से कहीं अधिक सुरक्षित है। इलेक्ट्रिक कार में साइलेंसर होती ही नहीं, इसलिए साइलेंसर के जरिए इंजन में पानी भरने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इलेक्ट्रिक कार की बैटरी पूरी तरह से पैक रहती है इसलिए वहां तक पानी नहीं पहुंच सकता। अगर कहीं पर पानी भरा हुआ है तो कार की स्पीड 10-20 किलोमीटर प्रतिघंटे से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। बारिश के दौरान इलेक्ट्रिक कार को चार्ज नहीं करना चाहिए।
कार को पार्क करते समय बरतें सावधानी