logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Sunday, 19 April 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में केस दर्ज, अंकिता भंडारी केस में VIP वाले दावे से मचाई थी सनसनी.
  • दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेस का शुभारंभ कल, पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले डायवर्जन लागू, डिटेल जानिए.
  • Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘खुद को शिक्षित करो…’ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के 10 विचार, जो बदल देंगे सोच.
  • देहरादून में ISI एजेंट गिरफ्तार, उत्तराखंड के संस्थान और पुलिस थाने थे निशाने पर, वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे.
  • 'अब टिकट नहीं चाहिए, कांग्रेस कहेगी तो घर बैठ जाऊंगा', ऐसा क्‍यों बोले उत्‍तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत?.
 
  • Home
  • क्या सच साबित होने वाली है राहुल गांधी की भविष्यवाणी? बीजेपी ने दिए सात संकेत

क्या सच साबित होने वाली है राहुल गांधी की भविष्यवाणी? बीजेपी ने दिए सात संकेत.

 
  • Muneshwar Kumar
  • 26 Sep 2023
  • 905
image  

 

भोपाल: राहुल गांधी ने पिछले दिनों मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जीतने के दावे किए थे। इसके बाद भाजपा उम्मीदवारों की दूसरी सूची है। दूसरी सूची के 39 उम्मीदवारों में तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसद हैं। इस लिस्ट के बाद इस बात को बल मिल रहा है कि कहीं उनकी भविष्यवाणी तो सही नहीं होने जा रही है। हालांकि भाजपा ने लिस्ट में घोषित कद्दावर नेताओं को अपनी ताकत बताया है। कथित तौर पर यह कहा जा रहा है कि बीजेपी ने सात सांसदों को उतारकर इसके सात संकेत दिए हैं।

रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगामी विधानसभा में अच्छे प्रदर्शन का भरोसा जताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जीत रही है। हालांकि उन्होंने राजस्थान में करीबी मुकाबला कहते हुए कांग्रेस पार्टी में संशय पैदा कर दिया। इसके ठीक अगले दिन भाजपा ने तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों से लैस 39 प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी। हो सकता है कि पार्टी का लिस्ट घोषित करने का पहले से कोई कार्यक्रम रहा हो। लेकिन, राहुल के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जीतने के बयान के बाद कद्दावर नेताओं की लिस्ट में उपस्थित चर्चा का विषय तो बन ही गई है।

यदि हम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर राहुल के दावे की बात करें तो उसके पीछे के कारण समझने होंगे। अगले साल होने वाले लोकसभा से पूर्व इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है। राहुल गांधी ने चर्चा में कर्नाटक चुनाव का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि 'हमने कर्नाटक में एक अहम सबक सीखा कि बीजेपी हमें भटका कर चुनाव जीतती है। हमें हमारे नैरेटिव को तैयार नहीं करने देती है'। उन्होंने आगे महत्वपूर्ण बात कही कि 'हमने कर्नाटक में इस तरह से चुनाव लड़ा कि बीजेपी अपना नैरेटिव बना ही नहीं पाई।'

राहुल गांधी का यह स्टेटमेंट काफी महत्वपूर्ण है। जो स्पष्ट कर रहा है कि यदि भटकने की बजाय फोकस होकर चुनाव लड़ा जाएगा तो उन्हें सफलता मिलेगी।मध्य प्रदेश में विगत छह माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात दौरे और गृहमंत्री अमित शाह का भी यहां पर फोकस है। यह इस बात को दर्शा रहा है कि वह प्रादेशिक नेताओं के हाथ चुनाव की कमान नहीं देना चाहते। वे इन राज्यों में विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के चलते 2024 के लोकसभा चुनाव को खतरे में नहीं डालना चाहते।

राहुल गांधी की भविष्यवाणी के बाद बीजेपी की दूसरी सूची आई है। इससे साफ है कि भले ही कद्दावर नेताओं को मैदान में उतारना पड़े लेकिन भाजपा मध्य प्रदेश में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। हालांकि, इस लिस्ट में शामिल प्रहलाद पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर ,कैलाश विजयवर्गीय व फग्गन सिंह कुलस्ते आदि के नाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कद के हैं। इससे शिवराज सिंह चौहान की आगामी विधानसभा चुनाव के बाद की भूमिका भी साफ हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिना किसी का नाम लिए कहा 'कांग्रेस चहार दीवारी में चार लोगों के माध्यम से नैरेटिव बनाती है, जबकि नैरेटिव सीमित नहीं, बल्कि जनता के दिलों में अंकित कर बनाए जाते हैं'। यह माना जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस के बहाने राहुल और उनके 'इनर सर्किल' पर निशाना लगाया है।

भाजपा की अब तक घोषित तीन लिस्टों में कुल 79 प्रत्याशी तय किए गए हैं। पार्टी ने हारी हुई सीटों पर जल्दी उम्मीदवार तय कर उन्हें चुनाव के पूर्व अच्छा होमवर्क करने का मौका दिया। वहीं, आगामी लिस्टों के लिए यह भी पता लगा लिया कि पहले से प्रत्याशी घोषित करने पर विरोध का स्तर क्या है। पहली लिस्ट घोषित होने के बाद पार्टी की रणनीति सफल रही, और कुछ स्थानों पर हुए विरोध को उन्होंने नियंत्रण में कर लिया।

पूर्व सीएम ने साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का उपयोग कर लिस्ट में कद्दावर नेताओं की फौज को भाजपा का डर बताया। कहा कि सत्तारूढ़ दल ने मध्य प्रदेश में हार स्वीकार कर ली और झूठी उम्मीद का आखिरी दांव खेला है। उन्होंने आगे लिखा कि नाम बड़े और दर्शन छोटे।

वहीं, कैलाश विजयवर्गीय ने इसे आधारहीन बताते हुए कहा कि किसी प्रकार का डर नहीं है। मेरा चुनाव तो कार्यकर्ता लड़ते हैं। उनके बयान से साफ प्रतीत हो रहा है पार्टी आत्मविश्वास से भरी हुई है। सातों सांसदों को आसान सीट से प्रत्याशी बनाकर पार्टी उन्हें पूरे प्रदेश में उपयोग लेना चाहती है।

दूसरी ओर प्रहलाद पटेल को नरसिंहपुर से टिकट देकर पार्टी ने उमा भारती को भी संतुलित करने का प्रयास किया है। प्रहलाद पटेल अपनी जिंदगी में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इस तरह से वह मध्य प्रदेश की राजनीति की मुख्य धारा में पुनः शामिल हो जाएंगे।

वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कद्दावर नेताओं के लिस्ट में शामिल होने के बाद तंज कसा है 'हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम'। उन्होंने भाजपा नेताओं की कथित खींचतान का जिक्र करते हुए कहा कि 'कांग्रेस का भय भाजपा को कैसे सताता है यह साफ है '। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि हमने अपनी ताकत को मैदान में उतारा है।

कुल मिलाकर राहुल गांधी के दावे में सच्चाई का प्रतिशत कितना है, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन भाजपा अतिरिक्त सक्रियता दिखाते हुए इन चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा रही है यह तो साफ है। भाजपा की इस सतर्कता को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य भय निरूपित कर रहे हैं । हो सकता है कि इन कद्दावर नेताओं में से अधिकांश को मध्य प्रदेश में चुनाव जिताने के बाद पुनः केंद्र में वापस बुला लिया जाए।

 

 
Share
Previous Post
बरेली में छात्रा और उसके भाई पर फेंका गया तेजाब, दोनों झुलसे
Next Post
राजनीतिक सुविधा से आतंकवाद पर कार्रवाई....एस जयशंकर ने कनाडा का नाम लिए बिना यूएन से बड़ा हमला बोला
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    उत्तराखंड में पर्यटन को नई उड़ान: ऋषिकेश के पशुलोक बैराज पर उतारा गया सी-प्लेन, ट्रायल रहा सफल.

    • 08 Apr 2026
  • image

    Uttarakhand Weather Today, 30 March: उत्तरकाशी में गिरेंगे ओले, 50 Km की स्‍पीड से चल सकती है हवा, ऑरेंट अलर्ट.

    • 30 Mar 2026
  • image

    'काली थार जिसने ले ली'; किसान नेता राकेश टिकैत ने अभिभावकों को चेताया, की सीएम योगी की तारीफ.

    • 04 Apr 2026

Recent News

  • image

    उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में केस दर्ज, अंकिता भंडारी केस में VIP वाले दावे से मचाई थी सनसनी.

    • 13 Apr 2026
  • image

    दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेस का शुभारंभ कल, पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले डायवर्जन लागू, डिटेल जानिए.

    • 13 Apr 2026
  • image

    Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘खुद को शिक्षित करो…’ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के 10 विचार, जो बदल देंगे सोच.

    • 13 Apr 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-25 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.