हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में पिछले कई हफ्ते से जहां डेंगू और वायरल फीवर का कहर आम लोगों पर बरप रहा है। वहीं आए दिन अस्पताल में हंगामा और बदतमीजी से परेशान होकर दो डॉक्टरों ने नौकरी ही छोड़ दी है। डॉक्टरों के इस्तीफा देने से यहां हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सेवाओं को तगड़ा झटका लगा है। हमीरपुर शहर के जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही बरतने पर आए दिन डॉक्टरों और मरीजों के तीमारदारों में झड़प होती रहती है। हाल में ही हमीरपुर के गौरादेवी नई बस्ती के सभासद राजेश सिंह उर्फ लाला ठाकुर का जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में ईएमओ डॉ. महेन्द्र सिंह से किसी बात को लेकर झड़प हुई थी, जिससे वार्ड में हंगामा खड़ा हो गया था।
डॉक्टर से धक्कामुक्की कर उनके साथ अभद्रता भी की गई थी। इस घटना के बाद हास्पिटल का पूरा स्टाफ लामबंद हो गया था। घटना की तहरीर पर सभासद और करीब 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में सदर कोतवाली में मुकदमा लिखा गया था। सभासद ने आरोप लगाया था कि यह अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बन गया है। यहां गरीब मरीजों का इलाज नहीं होता है। इसी तरह से अस्पताल में जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर गांव निवासी अरविन्द कुमार के 14 महीने के बच्चे की भी यहां इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टर पर कई घंटे तक बच्चे को न देखने के आरोप लगाए थे। डिस्ट्रिक्ट हास्पिटल के सीएमएस डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि 12 डॉक्टरों के पद खाली है।
इसके बावजूद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे है। बताया कि रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजे जा चुके है। इधर हमीरपुर सदर के अलावा जिले में ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों में 119 डॉक्टरों के सापेक्ष सिर्फ पचास डॉक्टर ही तैनात है। कहीं फार्मेसिस्ट के सहारे अस्पताल चल रहे है। इस बीच डेंगू और वायरल ïफीवर के मामले लगातार बढ़ने से डॉक्टर परेशान हैं।
परेशान डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी
जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ने के बावजूद यहां के इकलौते फिजीशियन सुबह से लेकर दोपहर तक ओपीडी में बैठकर इलाज करते है। अस्पताल में करीब 12 डॉक्टरों के पद खाली है, फिर भी चार डॉक्टरों के सहारे ही अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। आए दिन अस्पताल में लापरवाही के आरोप लगाकर तीमारदारों और अन्य लोगों के हंगामा करने से डॉक्टर टेंशन में है। जिला अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि डॉ. पंकज उमराव, डॉ. धीरज कुमार सोनकर ने इस्तीफा दे दिया है। बताया कि डॉ. धीरज अब कानपुर में कहीं और सेवाएं दे रहे हैं।