नई दिल्ली: उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं। बचाव टीमें अब 'ट्रेंचलेस' तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। मलबे के बीच से हल्के स्टील पाइप डालकर रास्ता बनाया जा रहा है। इन्हीं से रेंगते हुए मजदूर बार निकल सकते हैं। चारधाम प्रोजेक्ट के तहत यह टनल यमुनोत्री नैशनल हाइवे पर सिल्क्यारा और डंडालगांव (पोलगांव) के बीच बनाई जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, मजदूर सुरक्षित हैं। उनसे वॉकी-टॉकी के जरिए बात हो रही है। पानी सप्लाई करने वाले एक पाइप के जरिए उन्हें खाना और ऑक्सीजन दी जा रही है। शुरू में दो दिन एक्सकेवेटर मशीनों से मलबा हटाने की कोशिश की गई। इसे 'शॉटक्रीट मेथड' कहते हैं। इसमें मलबा हटाते ही बड़े प्रेशर से कंक्रीट फेंकी जाती है ताकि और मलबा न गिरे। हालांकि, इससे मनचाही सफलता नहीं मिली। मलबा लगातार गिरता रहा और प्लान कैंसिल करना पड़ा। अब 'ट्रेंचलेस' तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, जानिए यह क्या है।
