नोएडा: निठारी कांड में बरी होने वाला मोनिंदर सिंह पंढेर 17 साल बाद जेल से रिहा हो गया। लुक्सर जेल से छूटने के बाद वह सीधे चंडीगढ़ रवाना हो गया। नोएडा के निठारी गांव में स्थित डी-5 कोठी के पास कंकाल मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत से पंढेर को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। नोएडा के सबसे चर्चित निठारी कांड की कमान डीडी आरडब्लूए ने अपने हाथों में ले ली है। आज यानी सोमवार को डीडी आरडब्लूए के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कई आधुनिक पदाधिकारी के साथ पीड़ितों से मिलकर वकालतनामा पर हस्ताक्षर करवाया है। इनका यह केस एनपी सिंह सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट की वकील अनिता पांडेय ने बताया कि पीड़ितों को वकालतनाम साइन कराया है। हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। डीडी आरडब्ल्यूए पूरे देशभर में चर्चा में रहती है। चाहे ट्विन टावर मामला हो या डीएनडी मामला हो। एक बार फिर से शहर की डीडी आरडब्लयूए ने नोएडा के सबसे चर्चित निठारी कांड की कमान अपने हाथों में ले ली है।
दिसंबर 2006 में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से 19 बच्चों समेत एक युवती के कंकाल मिले थे। पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। गाजियाबाद की सीबीआई अदालत में सुरेंद्र कोली को 12 मामलों और मोनिंदर सिंह पंढेर को दो मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इस साल 16 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पंढेर को दो मामलों में बरी कर दिया। उसके नौकर सुरेंद्र कोली को भी 14 मामलों में बरी कर दिया गया है। कोली अभी दो मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि मोनिंदर सिंह पंढेर काफी समय से गाजियाबाद की डासना जेल में बंद था। पंढेर को 4 जून 2023 को लुक्सर जेल भेज दिया था। इसके बाद से पंढेर लुक्सर जेल में बंद था। इस साल जुलाई को बेटा उससे मिलने आया था। उसके बाद से कोई मिलने नहीं आया। टीबी और शुगर का मरीज होने से पंढेर को जेल अस्पताल के टीबी वॉर्ड में रखा गया था। वह व्हील चेयर से ही परिसर के अंदर आता-जाता था। मोनिंदर सिंह पंढेर ने जेल प्रशासन को बताया था कि उसका बेटा उसकी रिहाई कराने आएगा। शुक्रवार को परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया। सुबह से सिर्फ उनके तीन वकील रिहाई कराने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि पंढेर चंडीगढ़ के अपने पैतृक घर में रहेगा।
निठारी कांड में मारी गई मासूम बच्ची की मां ने कहा कि सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम से मांग की है कि जिस तरह उनकी बच्ची को तड़पा तड़पा कर मारा गया है, उसी तरह निठारी कांड के दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। रिहाई के बाद पीड़ित मां ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ है। जैसे हमारी बेटी को उन दोनों ने मारा था, वैसे ही उन दोनों को भी मारा जाए। दोनों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। पीड़ित मां ने मोदी-योगी सरकार से दर्द भरे दिल से रोते हुए गुहार लगाते हुए कहा कि इन दोनों को फांसी जरूर दें, इन्हें माफ नहीं किया जाए। इन हैवानों को छोड़ना अन्याय होगा।