logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Sunday, 1 November 2026
  • Contact Us
logo
Uttarakhand DIPR Uttarakhand DIPR
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • 2027 विधानसभा चुनावों की बिसात तैयार, एक्शन में चुनाव आयोग, 5 राज्यों में अफसरों के तबादले के दिए आदेश.
  • CM धामी के नेतृत्व में गैरसैंण में शुरू हुआ विधानसभा सत्र, एक साल में दूसरी बार भराड़ीसैंण में गूंजी सदन की कार्यवाही.
  • हिमालय में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी: माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन, CM धामी का ऐलान.
  • मोदी कहीं नहीं जाएगा... खरगे की टिप्पणी और कांग्रेस की रैली की हलचल के बीच BJP का संदेश.
  • 'पिता ने गोलियां चलवाईं, बेटा घुसपैठिया कह रहा', अखिलेश यादव के बयान पर सीएम धामी की खरी-खरी.
 
  • Home
  • पत्नी और बच्चों का ख्याल रखना पति का कर्तव्य, हाई कोर्ट ने क्यों की ये टिप्पणी?

पत्नी और बच्चों का ख्याल रखना पति का कर्तव्य, हाई कोर्ट ने क्यों की ये टिप्पणी?.

 
  • Rajesh Choudhary
  • 03 Dec 2023
  • 973
image  

 

 

नई दिल्ली: पति की ड्यूटी है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों का भरण पोषण करे। अदालत ने उक्त टिप्पणी के साथ यह भी कहा है कि कानून और धर्म दोनों के हिसाब से पति की जिम्मेदारी है कि वह पत्नी और बच्चों की देखभाल करे। कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल के एक फैसले में एक हिंदू शख्स की अर्जी को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि निचली अदालत ने जो गुजारा भत्ता की रकम तय की है उसे कम किया जाए। वैसे गुजारा भत्ता तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस जारी कर रखे हैं ताकि महिलाएं प्रोटेक्ट रहें।

क्या है यह मामला

निचली अदालत ने याचिकाकर्ता शख्स को निर्देश दिया था कि वह अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता के तौर पर 3 हजार और दोनों बच्चों को ढाई-ढाई हजार रुपये गुजारा भत्ते का भुगतान करे। इस फैसले को याचिकाकर्ता पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने याची की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि पति की ड्यूटी है कि वह अपने बच्चों और पत्नी की देखभाल करे। उसकी ड्यूटी है कि धार्मिक और कानूनी तौर पर वह देखभाल करे।

गुजारा भत्ता के लिए क्या है सुप्रीम गाइडलाइंस

4 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद के मामले में गुजारा भत्ता और निर्वाह भत्ता तय करने के लिए अहम फैसला दिया था और कहा था कि दोनों पार्टियों को कोर्ट में कार्यवाही के दौरान अपनी असेट और लाइब्लिटी ( संपत्ति और अपने खर्चे यानी देनदारियों) का खुलासा अनिवार्य तौर पर करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ता के लिए अदालत में आवेदन दाखिल करने की तारीख से ही गुजारा भत्ता तय होगा।

➤सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में देश भर की जिला अदालतों, फैमिली कोर्ट के लिए गाइडलाइंस जारी किए थे कि किस तरह से गुजारा भत्ता के मामले में आवेदन होगा और कैसे मुआवजे की रकम का भुगतान होगा।

➤अदालत ने कहा था कि कई बार महिला हाउस वाइफ होती है और कानूनी लड़ाई वह अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर लड़ती है। ऐसे में दोनों पार्टियों को अपनी संपत्ति और देनदारी का ब्यौरा कोर्ट में देना होगा। खर्च के तौर पर बच्चों की शादी के होने वाले खर्च को भी इसमें शामिल करना होगा। बच्चे की शादी का खर्च पति की हैसियत और कस्टम के हिसाब से तय होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इसके लिए कोई स्ट्रेटजैक फॉर्मूला नहीं है कि कैसे गुजारा भत्ता तय होगा। ये पार्टियों के स्टेटस पर निर्भर है साथ ही पत्नी की जरूरत, बच्चों की पढ़ाई, पत्नी प्रोफेशनल तरीके से पढ़ी है या नहीं, उसकी आमदनी क्या है, क्या उसकी आमदनी से जीवन निर्वाह हो सकता है, क्या शादी से पहले से नौकरी थी, क्या शादी के दौरान नौकरी में थी, क्या नॉन वर्किंग है इन तमाम बिंदुओं को देखना होगा।
 

एक्सपर्ट क्या कहते हैं

एडवोकेट राजीव मलिक बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि पति की ड्यूटी है कि वह अलग रह रही पत्नी को फाइनांशियल सपोर्ट दे इसके लिए अगर उसे शारीरिक लेबर करना पड़े तो भी उसे यह करना होगा। सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त गुजारा भत्ता जरूरी है। दिल्ली हाई कोर्ट के वकील नवीन शर्मा बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह पत्नी का अधिकार है कि उसे वही लाइफ स्टाइल मिले जो पति के घर में मिलती थी। गुजारा भत्ता जब तय किया जाए तो सोशल स्टेटस को भी देखा जाना चाहिए। जीवन चलाने के लिए खर्चे का मतलब यह नहीं है कि जानवरों वाली जिंदगी मिले और वह बेसिक चीजों के लिए भटके।

 

 
Share
Previous Post
नौसेना को मार्च में युद्धपोत में मिलेगी पहली महिला कमांडिंग ऑफिसर, संभालेंगी आईएनएस ट्रिंकट की कमान
Next Post
क्या किसी महिला के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट में होगा फैसला, जानें पूरा मामला
First Image Second Image

Latest Video

More Videos

Uttarakhand DIPR
Uttarakhand DIPR

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    अंकिता भंडारी के माता-पिता से डिंपल यादव ने की मुलाकात, कहा- बेटी ने नहीं मानी तो हम कैसे मान सकते हैं हार.

    • 16 Oct 2026
  • image

    2027 विधानसभा चुनावों की बिसात तैयार, एक्शन में चुनाव आयोग, 5 राज्यों में अफसरों के तबादले के दिए आदेश.

    • 27 Oct 2026
  • image

    Uttarakhand Earthquake: उत्तरकाशी में भूकंप, 4 दिनों में दूसरी बार उत्तराखंड में झटके महसूस हुए.

    • 11 Oct 2026

Recent News

  • image

    2027 विधानसभा चुनावों की बिसात तैयार, एक्शन में चुनाव आयोग, 5 राज्यों में अफसरों के तबादले के दिए आदेश.

    • 27 Oct 2026
  • image

    CM धामी के नेतृत्व में गैरसैंण में शुरू हुआ विधानसभा सत्र, एक साल में दूसरी बार भराड़ीसैंण में गूंजी सदन की कार्यवाही.

    • 27 Oct 2026
  • image

    हिमालय में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी: माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन, CM धामी का ऐलान.

    • 26 Oct 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-26 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.