देहरादूनः उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूर जल्द ही सूरज की रोशनी देख सकेंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने मंगलवार को दावा किया कि ढाई दिनों के अंदर मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाला जा सकता है। इसके लिए वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मजदूरों को बाहर निकालने के लिए सरकार 5 अलग-अलग विकल्पों पर काम कर रही है। अगर सब कुछ सही रहा तो अगले 72 घंटों के अंदर सभी मजदूर टनल से बाहर होंगे। बता दें कि दिवाली के दिन मलबा गिरने से 41 मजदूर सुरंग में फंस गए थे। तबसे उन्हें वहां से निकालने की कवायद की जा रही है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। रेस्क्यू ऑपरेशन में कई तरह की बाधाएं भी आईं। बाद में सरकार ने अंतरराष्ट्रीय टनल एक्सपर्ट अल्बर्टो ड्रिक्स को मदद के लिए बुलाया है।
वर्टिकल ड्रिलिंग बेहतर विकल्प
अनुराग जैन ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हमने आज से वर्टिकल ड्रिलिंग फिर से शुरू कर दी है, जो सबसे बेहतर उपलब्ध विकल्प है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो हमें उम्मीद है कि हम ढाई दिनों में सभी फंसे हुए श्रमिकों को बचा लेंगे।' उन्होंने कहा कि सरकार फंसे हुए श्रमिकों को बचाने के लिए 5 अलग-अलग विकल्पों पर एक साथ काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हॉरिजोन्टल ड्रिलिंग में काफी समय लगता है। ऐसे में बाधाओं के कारण वर्टिकल ड्रिलिंग रुकने की स्थिति में यह दूसरा विकल्प है।
सरकारी एजेंसियां काम पर लगीं
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में चल रहे बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई है, जहां 41 कर्मचारी फंसे हुए हैं। विभिन्न सरकारी एजेंसियों को काम पर लगाया गया है। सभी को श्रमिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए खास काम सौंपे गए हैं। सरकार फंसे हुए लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए उनसे लगातार संपर्क बनाए हुए है। ताजा बयान के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 6 इंच व्यास वाली पाइपलाइन की ड्रिलिंग पूरी कर ली है। अब तक सुरंग में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई एक 4-इंच कंप्रेसर पाइपलाइन के माध्यम से की जा रही थी।
मजदूरों से वीडियो से संपर्क
सरकार ने कहा कि फंसे हुए मजदूरों के साथ वीडियो संचार स्थापित किया गया है और हवा और पानी के दबाव का उपयोग करके पाइपलाइन के अंदर मलबे को साफ करने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि 12 नवंबर को ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिल्क्यारा और डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से 41 मजदूर फंस गए थे। चारधाम महामार्ग परियोजना के हिस्से के रूप में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उत्तराखंड में राडी पास के तहत गंगोत्री और यमुनोत्री के सिरों को जोड़ने के लिए सिल्क्यारा में 4.531 किलोमीटर लंबी दो लेन दो दिशाओं वाली सुरंग का निर्माण शुरू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा कार्यान्वयन के लिए 1,383 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।