logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Monday, 20 April 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में केस दर्ज, अंकिता भंडारी केस में VIP वाले दावे से मचाई थी सनसनी.
  • दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेस का शुभारंभ कल, पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले डायवर्जन लागू, डिटेल जानिए.
  • Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘खुद को शिक्षित करो…’ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के 10 विचार, जो बदल देंगे सोच.
  • देहरादून में ISI एजेंट गिरफ्तार, उत्तराखंड के संस्थान और पुलिस थाने थे निशाने पर, वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे.
  • 'अब टिकट नहीं चाहिए, कांग्रेस कहेगी तो घर बैठ जाऊंगा', ऐसा क्‍यों बोले उत्‍तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत?.
 
  • Home
  • उत्तरकाशी सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने में क्यों लग रहा है इतना समय? यहां समझें पूरी बात

उत्तरकाशी सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने में क्यों लग रहा है इतना समय? यहां समझें पूरी बात.

 
  • Raghvendra Shukla
  • 24 Nov 2023
  • 976
image  

 

 

देहरादूनः उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में मजदूरों को फंसे 12 दिन बीत गए हैं। हर दिन लगता है कि आज रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो जाएगा और मजदूर बाहर आ जाएंगे लेकिन रेस्क्यू टीम और मशीनों के आगे हर बार कोई न कोई नई बाधा खड़ी हो जाती है। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए तैयार की जा रही वैकल्पिक सुरंग के पूरा होने में सिर्फ 10 से 12 मीटर की दूरी बची है। फिर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 से 15 घंटे और लग सकते हैं। ये देरी क्यों हो रही है, आइए जानने की कोशिश करते हैं।

वजनी ऑगर मशीन

मजदूरों को निकालने के सुरंग बनाने वाली अमेरिकी ऑगर मशीन का प्‍लेटफॉर्म 25 टन वजनी है। ड्रिलिंग के दौरान बारबार सरिया की वजह से प्‍लेटफॉर्म को नुकसान पहुंच रहा है। इस वजह से भी काम रुक जाता है। 6 मीटर के पाइप को एक-दूसरे से जोड़ने में भी काफी समय लग रहा है। जोड़ने, चालू करने और उन्हें पुश करने की पूरी प्रक्रिया में 4-5 घंटे चाहिए होते हैं।

वेल्डिंग का धुआं

सुरंग में पाइप डालने के दौरान वेल्डिंग से उठने वाला धुआं टनल में जाता है, जिससे मजदूरों को परेशानी होती है। वहां ऑक्सिजन का लेवल भी काफी कम है। ऐसे में उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। इसे ध्यान में रखकर भी काम धीरे-धीरे किया जा रहा है।

पहली बाधा

मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बुधवार को दोपहर 2 बजे अमेरिकी ऑगर मशीनों को पहली बाधा मिली थी। तब 45 मीटर की ड्रिलिंग हो चुकी थी। इसके बाद ऑगर मशीन को बाहर निकाल लिया गया था ताकि नई चुनौतियों के लिए उसे और व्यवस्थित किया जा सके। बाधाओं की वजह से उसके प्लैटफॉर्म को नुकसान पहुंचा था। बुधवार को 4 बजे के आसपास एनडीआरएफ ने पाइप की स्थिति देखी और पाया कि वहां आयरन रॉड्स के टुकड़े हैं, जो रास्ते में आ रहे हैं। बुधवार को ही 6 से 7 बजे के आसपास एनडीआरएफकर्मियों की टीम ने बारी-बारी से पाइप के अंदर प्रवेश किया और आयरन रॉड्स को गैस कटर से काटा।

सरिया काटने की चुनौती

तीन कोशिशों के बाद भी एनडीआरएफ कर्मी लोहे की छड़ों को नहीं काट पाए। उनके सामने अंदर कई सारी चुनौतियां थीं। जगह कम थी। गैस कटर की वजह से वहां तापमान काफी ज्यादा हो जाता था, जिससे गर्मी लगती थी। इसके अलावा पाइप के भीतर ऑक्सिजन की कमी से भी कर्मी काफी परेशान रहे। गुरुवार की रात डेढ़ बजे दो एक्सपर्ट दिल्ली से बुलाए गए। दो घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद उन्होंने आयरन रॉड्स की बाधा पार कर ली। साथ ही 800MM की पाइप के नुकसान को भी रिपेयर कर लिया।

अभी कितना टाइम और?

गुरुवार सुबह 11 बजे अमेरिकन ऑगर मशीनों ने फिर से ड्रिलिंग शुरू की। इसके बाद उनके सामने फिर एक बाधा आ खड़ी हुई। हालांकि, इनसे निपटते हुए टीम ने पाइप्स को मलबे में 46.8 मीटर तक फिट कर दिया। मजदूरों से सिर्फ 12 से 15 मीटर की दूरी बची है। इसके लिए कितना समय लगेगा, कहा नहीं जा सकता।

 

 
Share
Previous Post
मिस यूनिवर्स 2023 का खिताब जीतने वाली शनिस पलासियोस कौन हैं, जिन्होंने पहली बार अपने देश के लिए यह कारनामा किया?
Next Post
उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू ऑपरेशन: देश में पहली बार हुआ ड्रोन सेंसर रडार का इस्तेमाल, जानें इसकी खूबियां
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    छोटू LPG सिलेंडर पर सरकार का बड़ा फैसला, सभी राज्यों में सप्लाई दोगुनी, किसे होगा फायदा?.

    • 07 Apr 2026
  • image

    सड़क हादसे में गई थी बेटे की जान, देहरादून पुलिस ने खड़े किए हाथ; हत्यारोपी ड्राइवर को मां ने ढूंढ़ निकाला.

    • 07 Apr 2026
  • image

     एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल ने दिए निर्देश.

    • 01 Apr 2026

Recent News

  • image

    उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून में केस दर्ज, अंकिता भंडारी केस में VIP वाले दावे से मचाई थी सनसनी.

    • 13 Apr 2026
  • image

    दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेस का शुभारंभ कल, पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले डायवर्जन लागू, डिटेल जानिए.

    • 13 Apr 2026
  • image

    Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘खुद को शिक्षित करो…’ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के 10 विचार, जो बदल देंगे सोच.

    • 13 Apr 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-25 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.