देहरादून: चार धाम यात्रा और विंटर सीजन के दौरान हर साल कई राज्यों से लाखों तीर्थ यात्री और पर्यटक उत्तराखंड पहुंचते हैं। लेकिन ये यात्री और पर्यटक टूर पैकेज की बुकिंग अपने राज्य की ट्रैवल एजेंसी से करते हैं इसलिए इन सेवाओं पर लगने वाली जीएसटी का लाभ उत्तराखंड सरकार को नहीं मिलता है। ट्रैवल कंपनी 'ईज माय ट्रिप' के सीईओ ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (Uttarakhand Global Investor Summit) के दौरान सरकार को गोवा की तर्ज पर उत्तराखंड में टूर पैकेज के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया।
उत्तराखंड में ईज माय ट्रिप पोर्टल पर सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने के बाद आने वाले 2 सालों में करीब 2000 लोगों को रोजगार मिल जाएगा साथ ही उत्तराखंड सरकार को इससे भरपूर जीएसटी मिलेगा। देहरादून में आयोजित हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान ईज माय ट्रिप के सीईओ रिकांत पिट्टी ने सरकार को गोवा की तर्ज पर उत्तराखंड में टूर पैकेज के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया। ईज माय ट्रिप पर्यटन के लिए पैकेज उपलब्ध कराने को लेकर पोर्टल चल रहा है जिसमें हजारों ट्रैवल एजेंसियां जुड़ी हुई है।
सीईओ के मुताबिक आने वाले 2 साल में उत्तराखंड के लगभग 2000 लोग टूर पैकेज और परिवहन क्षेत्र में व्यावसायिक रूप से जुड़ जाएंगे। यदि स्थानीय लोगों को इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए बैंक से ऋण भी लेना पड़ा तो ईज माय ट्रिप गारंटी देने के लिए तैयार रहेगा इसके लिए एक अलग फंड भी बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टूर पैकेज में सिंगल विंडो सिस्टम यदि लागू किया जाएगा तो इससे प्रदेश सरकार को जीएसटी मिलेगा जिससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी। उत्तराखंड मैं बाहर से आने वाले पर्यटक हमारे अतिथि हैं हम उनका सत्कार करते हैं, लेकिन जीएसटी का लाभ किसी और राज्य को मिलता है। अब ऐसा नहीं होगा जीएसटी का लाभ भी उत्तराखंड को ही मिलेगा।