CUET UG Registration Date 2024: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) पहली बार पेन-पेपर मोड में भी करवाया जाएगा। नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एडवाइजारी कमिटी की इसी हफ्ते होने वाली बैठक में एग्जाम से जुड़े कई नए बड़े फैसलों पर मुहर लगेगी। सूत्रों का कहना है कि जिन विषयों में 1.5 लाख से ज्यादा आवेदन होंगे, उनमें OMR बेस्ड मल्टी चॉइस पैटर्न अपनाया जाएगा और ऑफलाइन एग्जाम होगा। इससे एक ही शिफ्ट में उस विषय (कोई भी एक विषय) के सभी छात्र पेपर दे सकेंगे।
वहीं, 1.5 लाख तक के आवेदन वाले विषयों में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) होगा। इस तरह से ज्यादातर विषयों में एग्जाम सिंगल शिफ्ट में ही हो जाएगा और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया नहीं अपनानी होगी। सीयूईटी की परीक्षा हाइब्रिड मोड में करवाने को लेकर सहमति बनती नजर आ रही है।
2022 में सीयूईटी यूजी की परीक्षा शुरू हुई थी। पिछले दो वर्षों के ट्रेंड को देखें तो मैथमैटिक्स, फिजिक्स, इंग्लिश, केमिस्ट्री, कॉमर्स समेत कई विषयों में डेढ़ लाख से ज्यादा आवेदन होते हैं और इसके कारण हर विषय की परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में करनी पड़ती है। फिर रिजल्ट के समय नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया होती है, क्योंकि अलग-अलग शिफ्ट में पेपर का लेवल अलग-अलग होता है।
जिस तरह से मेडिकल एग्जाम NEET UG में 20 लाख से ज्यादा छात्रों का एग्जाम पेन-पेपर मोड में एक ही दिन हो जाता है, उसी तरह से सीयूईटी यूजी में भी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे झारखंड, कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट समेत दूर-दराज के इलाकों में छात्रों को राहत मिलेगी।
सूत्रों का कहना है कि सीयूईटी यूजी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया फरवरी के आखिर में शुरू हो जाएगी। सीयूईटी एग्जाम 15 मई से 31 मई के बीच होगा। एडवाइजरी कमिटी इन सभी बदलावों पर अंतिम फैसला लेगी। 2024 में छात्रों को 6 विषयों को चुनने का विकल्प मिलेगा।
2022 में छात्रों को 9 विषयों की परीक्षा देने का विकल्प दिया गया और 2023 में इसे 10 कर दिया गया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि 10-10 विषयों की परीक्षा का विकल्प देने का कोई फायदा नहीं है। इससे परीक्षा एजेंसी पर बेवजह का दबाब बढ़ता है। ग्रेजुएशन लेवल पर एडमिशन के लिए 5 से 6 विषयों की परीक्षा का विकल्प काफी होगा।
विशेषज्ञ भी अब मान रहे हैं कि CUET UG Exam में बड़े सब्जेक्ट्स की परीक्षा में OMR शीट का प्रयोग ही करना चाइए। सीयूईटी में देश के हर कोने से दूर-दराज के इलाकों से छात्र आवेदन करते हैं। बीए के कोर्सेज के लिए सबसे ज्यादा आवेदन होते हैं। अब जब ज्यादा आवेदन वाले विषयों में ओएमआर शीट से पेपर होगा तो देश के हर हिस्से में आसानी से सेंटर बनाए जा सकेंगे। कंप्यूटर बेस्ड पेपर के लिए स्पेशलाइज्ड सेंटर चाहिए, जो हर जगह नहीं मिल पाते और यही कारण है कि बहुत ज्यादा शिफ्ट में पेपर होते हैं। जबकि ओएमआर शीट पर पेपर के लिए तो स्कूलों में भी सेंटर बनाया जा सकता है। वहीं जिन सब्जेक्ट्स में स्टूडेंट्स की संख्या कम होगी, उनमें भी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) आसानी से हो सकता है। एक विषय का कंप्यूटर टेस्ट सिंगल शिफ्ट में भी हो सकता है।