देहरादून: विधानसभा से UCC विधेयक पारित होने के बाद सरकार ने अब एक और नई कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी में नौ सदस्य 'समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक' से संबंधित नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करेंगे। समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह को बनाया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि यह समिति समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 विधेयक के प्रावधानों के सफल क्रियान्वयन के लिए नियमावलियों का ड्राफ्ट तैयार करेगी। समिति में अपर सचिव कार्मिक, अपर सचिव पंचायती राज, अपर सचिव शहरी विकास आदि भी होंगे। 8 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा ने ध्वनि मत के साथ UCC विधेयक पारित किया था।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक उत्तराखंड 2024 इस सप्ताह बुधवार को विधानसभा में पारित कर दिया गया। विधेयक पर दो दिनों तक लंबी चर्चा हुई। सत्ता और विपक्ष के सदस्यों ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। इस प्रकार उत्तराखंड विधानसभा आजाद भारत के इतिहास में समान नागरिक संहिता का विधेयक पारित करने वाली पहली विधानसभा बन गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता विधेयक उत्तराखंड 2024 को विधानसभा में पेश किया था।
बुधवार को सदन में विधेयक पर चर्चा के बाद सदन ने इसे पास कर दिया। अब अन्य सभी विधिक प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा। विधेयक में सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक कानून का प्रावधान है। महिला-पुरुषों को समान अधिकारों की सिफारिश की गई है।अनुसूचित जनजातियों को इस कानून की परिधि से बाहर रखा गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से किए गए वायदे के अनुसार पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी का ड्रॉफ्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। समिति ने व्यापक जन संवाद और हर पहलू का गहन अध्ययन करने के बाद यूसीसी के ड्रॉफ्ट को अंतिम रूप दिया है। इसके लिए प्रदेश भर में 43 जनसंवाद कार्यक्रम और 72 बैठकों के साथ ही प्रवासी उत्तराखण्डियों से भी समिति ने संवाद किया।