देहरादून: उत्तराखंड में सभी पांच सीटों के लिए 19 अप्रैल को मतदान होना है। BJP ने यहां की गढ़वाल लोकसभा सीट से पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने राज्य की सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। लोकसभा चुनाव से जुड़े सभी मुद्दों पर अनिल बलूनी ने एक समाचार पत्र से बातचीत की। इसमें उन्होंने प्रदेश में पलायन रोकने के लिए रोजगार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार को बढ़ाकर इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कोर इश्यू पर भी उन्होंने लगातार गंभीरता से काम करने पर जोर दिया। जोशीमठ की समस्या को दूर करने के लिए भी उन्होंने अपनी बात रखी। यहां पेश है इस बातचीत के प्रमुख अंश...
हमने 2014 और 2019 लोकसभा चुनावों में पांचों सीटें जीतीं। पहले हम राजनीतिक दल के तौर पर अपना विजन लेकर लोगों के बीच गए थे, 2019 में हमने जो काम किए थे, उन पर वोट मांगे। अब 10 साल के कार्यकाल के बाद हम अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और उत्तराखंड के स्तर के रिपोर्ट कार्ड को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं। यहां लोग ऑल वेदर रोड को देख रहे हैं। केदारनाथ प्राकृतिक आपदा में बर्बाद होने के बाद पूरी केदारपुरी सज गई है। बद्रीनाथ का मास्टरप्लान बन गया है। जोशीमठ का बड़ा ट्रीटमेंट करने जा रहे हैं। उत्तराखंड में एम्स का सैटेलाइट सेंटर आ गया है। कई जगह चॉपर सेवा शुरू कर दी है। रेल, एयर कनेक्टिविटी सब में काम किया है। हर घर नल योजना में उत्तराखंड नंबर एक है। डबल इंजन की सरकार में लगातार काम हुए हैं।
एंटी-इनकंबेंसी नहीं है, क्योंकि उत्तराखंड में बहुत काम हुआ है और लगातार काम हो रहे हैं। यहां BJP के पक्ष में लहर चल रही है।
तीरथ सिंह रावत इतने सीनियर हैं। वह MLC बने, पार्टी के अध्यक्ष बने, राष्ट्रीय मंत्री, हिमाचल के प्रभारी, दो बार सांसद बने, मुख्यमंत्री भी बने। कोई आदमी किसी नई जिम्मेदारी के लिए तैयार होता है, फिर उसकी जगह कोई और आता है। यह BJP है। यहां एक परिवार का तो विषय है नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी है। हो सकता है तीरथ जी के लिए नया काम पार्टी ने रखा हो। कुछ समय बाद वह काम भी दिखाई देगा।
उत्तराखंड में सबसे बड़ा विषय पलायन का रहा है। जितनी आबादी उत्तराखंड में रहती है, लगभग उतनी ही आबादी बाहर। इसलिए हमारा चिंतन है कि उत्तराखंड में रोजगार आएगा। गांवों में लोगों को रोजगार मिलेगा। स्वयं सहायता समूह में हमने पहली बार देखा कि माताओं-बहनों ने कितना अच्छा काम किया है, जिसकी PM ने भी तारीफ की है। स्वास्थ्य सेवाओं में ‘आयुष्मान भारत’ से लोगों को लाभ मिल रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठीक किए जा रहे हैं। रोजगार के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य की वजह से भी पलायन होता है और इन सभी पर काम किया जा रहा है। ऐसा होने से लोग यहीं रुकेंगे और जो डेमोग्राफी लगातार बदल रही है वह भी ठीक होगी।
विपक्ष का अपना काम करने का नजरिया है। जैसे- भ्रष्टाचारियों को कई मामलों में ED, CBI बुलाती है तो विपक्ष उसे ऐसे दिखाता है, जैसे घटना कल की हो और मोदी सरकार उन्हें परेशान कर रही है। उसी तरह से उत्तराखंड में हमारी सरकार ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। जब ऑल वेदर रोड बना तो इतने मंदिर टूटे, इतनी पौराणिक चीजों को शिफ्ट किया गया। यहां तक कि इस देश के उत्थान के लिए जब श्रीनगर का डैम बना, तब धारी देवी जैसी जागृत पीठ को भी अपलिफ्ट कर ऊपर लाया गया। लेकिन, जब अतिक्रमण हटाने का अभियान चला तो पूरे देश में यह नैरेटिव फैलाने की कोशिश हुई कि ये अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रहे हैं, मजार तोड़ रहे हैं, मदरसे तोड़ रहे हैं। लेकिन, सच यह है कि एक भी घटना ऐसी नहीं हुई। कॉर्बेट के अंदर, राजाजी पार्क के अंदर, हाईवे पर मजार, ये सब अतिक्रमण का आधार है और सरकार ने बस अतिक्रमण हटाने के लिए काम किया।
कांग्रेस उम्मीदवार के लिए खुद अपनी पार्टी को जिंदा रखना, खुद को लड़ाई में रखना चुनौती हो सकता है। हम अपने विकास के अजेंडे पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस जिस तरह सिमटती जा रही है, उनके नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। कांग्रेस के उत्तराखंड में कुछ पूर्व मंत्री और कुछ विधायक ही बचे रह गए हैं। मेरी लोकसभा सीट में 14 विधानसभा क्षेत्र हैं। उनमें से 13 विधानसभा सीटें पहले से BJP की थीं। जो इकलौती सीट कांग्रेस की थी, उसके विधायक भी कांग्रेस छोड़कर BJP में आ गए। जिस तरह गढ़वाल लोकसभा सीट कांग्रेस मुक्त हो गई, धीरे-धीरे पूरा देश हो जाएगा और यह हो रहा है।
BJP को सफाई देने की जरूरत ही नहीं है कि पार्टी का सेना के लिए क्या नजरिया रहा है। प्रधानमंत्री अपनी दिवाली उनके साथ मनाते हैं बॉर्डर पर। OROP के लिए हमने काम किया। सेना के जो कैंटोनमेंट हैं, जहां सैनिकों के परिवार रहते हैं, वहां कितनी सुविधाएं बढ़ी हैं, ये उनसे पूछिए। साथ ही, अग्निवीर विषय पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिन पहले ही कहा है कि अगर इस स्कीम को और बेहतर करने के लिए कुछ करना पड़ेगा तो हम उसके लिए तैयार हैं।