उधम सिंह नगर: उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जनपद में मंगलवार की शाम चार परिवारों के लिए काली शाम साबित हुई। उधम सिंह नगर जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्र में तीन सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है। सूचना पर पहुंची अलग-अलग स्थानों की पुलिस ने चारों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इन हादसों में दो लोगों की हालत गंभीर है, जिनको उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
पहला मामला उधम सिंह नगर जनपद के पुलभट्टा थाना क्षेत्र का है। जहां पर तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकरा गई और बाइक पर सवार मामा भांजे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बाइक पर सवार मामा भांजे हरिद्वार से अपने गांव लखीमपुर खीरी उत्तरप्रदेश के लिए जा रहे थे। इस दौरान पुलभट्टा फलाईओवर पर डिवाइडर से बाइक टकरा गई। इसमें बलराम शुक्ला और उसके भांजा राघव की मौत हो गई। दोनों ही लखीमपुर खीरी के रहने वाले थे। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मौत की सूचना परिजनों को दे दी हैं।
दूसरा मामला किच्छा कोतवाली क्षेत्र का है। जहां काली मंदिर से आदित्य चौक जाते समय सूरजमल कॉलेज के पास एक बाइक ट्रक में पीछे से टकरा गई। बाइक पर सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसमें संजू पुत्र पूरन सिंह की मौत हुई है, जबकि विकास दुबे और बादल गंभीर रूप से घायल हैं। विकास दुबे का उपचार ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में चल रहा है। वहीं बादल को गंभीर अवस्था में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों ही किच्छा के खुरपियां भट्टा के रहने वाले हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को कब्जे में लिया और पूरे मामले की जांच शुरू की है।
इसके अलावा तीसरी घटना गूलरभोज की है। जहां गुरुद्वारे के पास कैटरिंग का काम कर वापस लौट रहे रवि सैनी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि रवि सैनी सड़क के किनारे सवारी का इंतजार कर रहा था और अज्ञात वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। इसमें रवि की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने चारों ही मृतकों के शव को कब्जे में लेकर रुद्रपुर के पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचा है और मृतकों के परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी है। वहीं अलग-अलग हुई चार मौत के बाद रुद्रपुर के पोस्टमार्टम हाउस पर सभी के परिजन पहुंचे और एक-दूसरे को देखकर ढांढस बांधते नजर आए।