रायबरेली: उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से अमेठी-रायबरेली लोकसभा सीट सबसे हॉट बन चुकी है। यहां दोनों सीटों पर कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन उम्मीदवार उतारे। आखिरी दिन होने के कारण नामांकन भी कर दिया गया है। काग्रेस ने रायबरेली सीट से राहुल गांधी को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस के साथ बीजेपी में भी बड़ी माथापच्ची हुई। शुक्रवार को इस सीट पर कांग्रेस ने उम्मीदवार उतार दिया। बीजेपी ने एक दिन पहले अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था। इस बीच, अदिति सिंह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई हैं। एक्स पर लोगों की ओर से उन पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके समर्थन में दिखाई दे रहे हैं तो कुछ लोग उनके विरोध में भी नजर आ रहे हैं।
शुक्रवार को जहां कांग्रेस ने रायबरेली लोकसभा सीट पर राहुल गांधी को टिकट दिया है तो वहीं अदिति सिंह को लेकर भी बहस तेज हो गई है। अदिति सिंह रायबरेली सदर से विधायक हैं और काफी समय तक कांग्रेस पार्टी में रहीं। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा के साथ आ गई थीं। उनको चुनाव में जीत जरूर मिली थीं, लेकिन हार का अंतर ज्यादा नहीं रहा था। यही कारण है कि अब राहुल गांधी को टिकट मिलने के बाद जहां अदिति सिंह के समर्थक यहां से भाजपा की जीत का दावा कर रहे हैं तो वहीं राहुल गांधी के भारी बहुमत से जीत के दावे किए जा रहे हैं।
एक एक्स यूजर ने लिखा है कि मनोज पाण्डेय और अदिति सिंह का 2022 आखिरी चुनाव था, अब ये कभी भी नहीं जीतेंगे। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा है कि मनोज पांडे जिनका अपना उम्मीदवार नगरपालिका के हल्के चुनाव में धूल फांक आया। अदिति सिंह जो बाप से विरासत में मिली सीट पे कमजोर उम्मीदवार के सामने प्रशासन के पूर्ण सहयोग के बाद बमुश्किल सात हजार वोट से जीत पायीं। एक अन्य यूजर ने अदिति सिंह का समर्थन करते हुए लिखा कि अमेठी तो अब बेहद आसान हो गई है, बीजेपी के लिए स्मृति जी एक लाख से अधिक मतों से जीतेंगी। अदिति सिंह और मनोज पाण्डेय दोनों मिलकर राहुल गांधी को धूल चटाएंगे रायबरेली में। रायबरेली से भी कांग्रेस का सफाया होगा।
रायबरेली लोकसभा सीट पर शुक्रवार को नामांकन का आखिरी दिन था। यहां तीसरे चरण में मतदान होगा। 7 मई को वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस ने यहां से राहुल गांधी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया है। सोनिया गांधी ने यहां से लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। राजस्थान से राज्यसभा पहुंची हैं।