लखनऊ : सपा के बाद अब भाजपा ने भी लोकसभा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। वहीं, बसपा ने अभी तक कोई लिस्ट जारी नहीं की है। पार्टी ने ज्यादातर सीटों पर अपने पैनल तो पहले से तैयार कर लिए हैं लेकिन उसकी नजर अभी दूसरी पार्टी के बागियों पर भी है। यही वजह है कि लिस्ट जारी करने में देर हो रही है। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि 15 मार्च को कांशीराम जयंती के आसपास पहली लिस्ट आ सकती है। करीब 15-20 प्रत्याशियों की यह लिस्ट होगी।
बसपा नगर निकाय चुनाव के बाद से ही लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पहले उसने संगठन मजबूत करने के लिए बूथ और सेक्टर कमिटियों के गठन का अभियान चलाया। उसके बाद कैडर बैठकें आयोजित कीं। इसी के साथ प्रत्याशियों के पैनल भी काफी पहले से तैयार किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कई सीटों पर प्रत्याशी के नाम तय भी हो गए हैं। पार्टी कुछ को-ऑर्डिनेटरों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को इस बार चुनाव मैदान में उतार सकती है। कुछ सीटों पर उनके भी नाम तय हो चुके हैं लेकिन ऐलान करने से पहले अभी और मंथन किया जा रहा है।
दरअसल, बसपा प्रमुख अपने वर्तमान 10 सांसदों की गतिविधियों से पहले नाराज हैं। वह पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि इनको टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसे में पार्टी की नजर दूसरे दलों के नेताओं और बागियों पर भी है। दूसरे दलों के प्रत्याशी तय होने के बाद जातीय समीकरणों का आकलन करके ही बसपा अपने यहां टिकट फाइनल करेगी। वहीं पार्टी यह भी देख रही है कि भाजपा या सपा में कोई मजबूत दावेदार बगावत करता है और बसपा से टिकट लेना चाहता है तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।
भाजपा ने शनिवार को अपनी 51 सीटों पर टिकटों का ऐलान किया। इससे बसपा के कई सांसदों की चिंता बढ़ गई। बसपा के 10 सांसदों में से कई भाजपा के संपर्क में थे और वे वहां से टिकट चाहते थे। चर्चा यह थी कि लालगंज से सांसद संगीता आजाद भाजपा से टिकट चाहती थीं। वहीं, श्रावस्ती से सांसद राम शिरोमणि वर्मा भाजपा और अपना दल नेताओं के संपर्क में थे। यह दोनों सीटें भाजपा के खाते में गई हैं और यहां पर अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने लालगंज से नीलम सोनकर और श्रावस्ती से साकेत मिश्र को प्रत्याशी बनाया है।