देहरादून/उधम सिंह नगर: नानकमत्ता गुरुद्वारा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या में उधमसिंह नगर पुलिस और एसआईटी ने मुख्य षड्यंत्रकारी सुल्तान सिंह को सहित दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई है। मुख्य षड्यंत्रकारी सुल्तान सिंह ने ही शूटरों को हथियार और पैसे उपलब्ध कराए थे। हत्याकांड में 1 लाख का इनामी सरबजीत सिंह फिलहाल फरार है। सरबजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। जबकि चार के खिलाफ जांच चल रही है।
तराई क्षेत्र में गुरुद्वारा और वर्चस्व को लेकर सिख समुदाय से जुड़े धार्मिक स्थलों को लेकर वर्चस्व की जंग के चलते बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। तराई क्षेत्र में इस तरह का विवाद होना कोई नई या बड़ी बात नहीं है लेकिन इसी विवाद के चलते मुख्य षड्यंत्रकारी सुल्तान सिंह ने बाबा तरसेम सिंह से रंजिश रखी हुई थी।
डेरा प्रमुख होने के कारण बाबा तरसेम सिंह के पास जहां संपत्ति थी तो वहीं उनका वर्चस्व भी क्षेत्र में काफी अच्छा था। सुल्तान सिंह ने बाबा तरसेम सिंह की हत्या करने के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर दिलबाग सिंह, परगट सिंह, बलकार सिंह, हरविंदर उर्फ पिंदी और सतनाम सिंह को अपने षड्यंत्र में शामिल किया। इन लोगों ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया।
उधम सिंह नगर एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सुल्तान सिंह 20 हजार का इनामी बदमाश है। इसकी तलाश में एसआईटी की विभिन्न टीमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में लगातार दबिश देती रही। शातिर अपराधी होने के कारण सुल्तान सिंह लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा। लेकिन पुलिस ने सुल्तान सिंह पुत्र इंदर सिंह निवासी गदाफार्म, थाना बिलासपुर रामपुर उत्तर प्रदेश को पिल्लूखेड़ा थाना जींद हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
सुल्तान सिंह पर बिलासपुर, शाहजहांपुर, उधम सिंह नगर सहित अन्य थाना क्षेत्र में 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं दूसरे आरोपी सतनाम सिंह को भी पुलिस ने गोरीफंटा जिला लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार कर लिया। सतनाम सिंह पुत्र जागीर सिंह निवासी कुइया, महोलिया थाना शाहजहांपुर प्रदेश पर भी शाहजहांपुर और उधम सिंह नगर में दो मुकदमे तर्ज हैं।
एसएसपी ने बताया कि घटना में वांछित सरबजीत सिंह की तलाश में पुलिस टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही है। सरबजीत सिंह पर भी एक लाख का इनाम रखा गया है। एसएसपी का कहना है कि सरबजीत भी जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हत्याकांड में चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
विदित हो कि 28 मार्च 2024 को सुबह 6:30 बजे के समय दो मोटरसाइकिल सवारों ने नानकमत्ता गुरुद्वारा के डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सुबह के समय जब डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह कुर्सी लगाकर बाहर बैठे हुए थे उस दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी।
इस घटना को लेकर जसबीर सिंह निवासी चारूबेटा थाना खटीमा ने थाने में तहरीर देकर सरबजीत सिंह और अमरजीत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उनके साथ ही तीन अन्य लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में सीएम की हर पल कड़ी नजर और क्षेत्र के माहौल को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की।
3 अप्रैल को दिलबाग सिंह व अमनदीप सिंह उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया। 4 अप्रैल को बलकार सिंह और हरविंदर सिंह उर्फ पिंदी, 6 अप्रैल को जसपाल सिंह और परगत सिंह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। 7 अप्रैल को सुखदेव सिंह और सोनू गिल की गिरफ्तारी हुई। इनसे पुलिस ने दो कारें, मोबाइल फोन आदि बरामद किए।
इस मुकदमे में शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा और सरबजीत सिंह पर पहले 25000 की इनामी राशि रखी गई थी। जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार और फिर एक लाख रुपये कर दिया गया। अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू 9 अप्रैल को भगवान पुर रुड़की हरिद्वार में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया जबकि सरबजीत सिंह पुत्र स्वरूप सिंह निवासी मियाविंड थाना भैरावल जिला तरनतारण पंजाब अभी भी फरार है।
आरोपी सतनाम पर अपने साथियों दिलबाग, बलकार सिंह, परगट सिंह और हरविंदर सिंह के साथ मिलकर बाबा तरसेम सिंह की हत्या करने का षड्यंत्र रचने का आरोप है। इन लोगों ने षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए आवास विकास स्थित गुरुद्वारा और दिलबाग के घर पर योजना बनाई और बाबा तरसेम सिंह की हत्या के लिए सरबजीत व अमरजीत जैसे पेशेवर अपराधियों से बात की। सरबजीत और अमरजीत को इन सब ने मिलकर पैसा मोबाइल हथियार और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का काम किया।
मामले में चार लोगों के खिलाफ फिलहाल जांच चल रही है। जिनमें एक पूर्व आईएएस अधिकारी भी है। इनमें बाबा अनूप सिंह पुत्र राम सिंह निवासी नवाबगंज रामपुर उत्तर प्रदेश, प्रीतम सिंह संधू पुत्र लाल सिंह निवासी खेमपुर थाना गदरपुर जिला उधम सिंह नगर, पूर्व आईएएस हरबंस सिंह चुघ पुत्र रंजीत सिंह चुघ निवासी गदरपुर उधम सिंह नगर और फतेह जीत सिंह खालसा पुत्र सुखन निवासी बिलहरा माफी थाना उमरिया पीलीभीत के खिलाफ जांच चल रही है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जायेगी।