देहरादून: गाड़ी के नंबरों के प्रति दीवानगी की हद जब पार हो जाए तो व्यक्ति सारे सारी सीमाएं तोड़ देता है। फिर चाहे उसको लाखों रुपये ही क्यों न खर्च करने पड़ें। देहरादून में भी इसी तरह से एक व्यक्ति ने वीआईपी नंबर की चाहत में 8,45000 रुपये लगा दिए और अपनी गाड़ी के लिए मनचाहा नंबर पा लिया। यह नंबर उस व्यक्ति का लकी नंबर है या स्टेटस सिंबल के लिए महज एक नंबर की चाहत यह तो वही जानते हैं, लेकिन इस नंबर की बिक्री ने पिछले सारे रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं।
लग्जरी कार के लिए वीआइपी नंबर की चाहत में दूनवासी लाखों रुपये खर्च करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। देहरादून में वीआईपी नंबरों के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई। ऑनलाइन बोली में 0001 नंबर की नीलामी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। ऑनलाइन बोली में कुल 25 नंबरों पर बोली लगाई गई। यह बोली यूके 07 एफटी सीरीज के लिए थी। इस सीरीज के 23 नंबर थे, जबकि दो नंबर यूके 07 एफएस सीरीज के थे। इस ऑनलाइन बोली में पहले नंबर पर एक नंबर ही रहा, जबकि दूसरे नंबर पर 0009 नंबर की बोली लगी जो 2,75000 में बिका। इसी तरह से 0008 नंबर की नीलामी 1,23000 में हुई, जबकि चौथे नंबर पर 7000 नंबर 60 हजार रुपये में नीलाम हुआ।
अगस्त-2022 में 0001 नंबर सहारनपुर के एक कारोबारी ने 07 लाख 66 हजार रुपये में खरीदा था। हालांकि, इस बार परिवहन विभाग आठ लाख 45 हजार रुपये खर्च कर 0001 नंबर लेने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं कर रहा, लेकिन सूत्रों की मानें तो नंबर दून के एक कारोबारी ने खरीदा है।
आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने बताया कि इस बार कुल 25 नंबरों की ऑनलाइन बोली लगाई गई। इसमें दो नंबर (यूके07-एफएस) सीरीज, जबकि बाकी 23 नंबर (यूके07-एफटी) सीरीज के थे। बताया कि (यूके07-एफटी) सीरीज के लिए 0001 नंबर ने अब तक के सभी रिकार्ड तोड़ दिए। इसी वर्ष 13 फरवरी को (यूके07-एफएस) सीरीज के लिए 0001 नंबर सात लाख 22 हजार रुपये में बिका था। जून-2023 में भी एक कारोबारी ने यह नंबर सात लाख 39 हजार रुपये में खरीदा था। इस बार की बोली में देहरादून के कारोबारी ने (यूके-07-एफटी) सीरीज के लिए 0001 नंबर को आठ लाख 45 हजार रुपये में खरीदा।
आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने बताया कि दूसरे नंबर पर इस बार भी 0009 नंबर रहा, जो दो लाख 75 हजार रुपये में बिका। यह नंबर फरवरी में दो लाख 19 हजार रुपये में बिका था। तीसरे नबंर पर 0008 नंबर की नीलामी 1,23000 में हुई। चौथे नंबर पर 0003 रहा, जो 69 हजार रुपये की बोली में खरीदा गया। पांचवें नंबर पर 7000 रहा, जो 60 हजार रुपये में बिका। इसके अतिरिक्त शेष नंबर 11 हजार रुपये से 53 हजार रुपये के बीच की बोली में बिके। यूके-07-एफटी सीरीज में कुल 38 नंबर के लिए बोली लगी थी, जिसमें 23 नंबरों की नीलामी हो गई। आरटीओ ने बताया कि 0001 और 0786 नंबर ऐसे हैं, जिनकी न्यूनतम कीमत एक लाख रुपये है, जबकि शेष नंबरों की न्यूनतम कीमत दस हजार रुपये है।
आरटीओ के अनुसार यूके-07-एफएस सीरीज के लिए 0077 और 0101 नंबर अपनी मूल कीमत 10 हजार रुपये में बिका। ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में परिवहन विभाग को इस बार 19 लाख 16 हजार रुपये का राजस्व मिला। आरटीओ ने बताया कि आवेदकों को बोली की रकम 30 दिन के भीतर जमा करानी होगी।