देहरादून: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अनुकृति गुसाईं ने आखिरकार भाजपा का दामन थाम लिया। उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत की पुत्रवधू और पूर्व मिस इंडिया अनुकृति ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का समर्थन किया था। साथ ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया। अनुकृति गुसाईं ने लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, तभी से अनुकृति के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थी। हालांकि भाजपा के ही कुछ लोग चुनाव के दौरान अनुकृति के भाजपा में शामिल होने का विरोध कर रहे थे। इसके चलते तब अनुकृति की ज्वाइनिंग टाल दी गई थी।
लोकसभा चुनाव से ऐन पहले ही अनुकृति ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का समर्थन करते हुए अनिल बलूनी के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही देश विश्व की तीसरी महाशक्ति बन सकता है। मैंने हमेशा उत्तराखंड को विकसित राज्य बनने का सपना देखा। ये सपना मोदी जी के नेतृत्व में साकार हो सकता है। तब से कयास लगाए जा रहे थे कि वह जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकती हैं।
इसके बाद यह तय माना जा रहा था कि अनुकृति जल्द ही भाजपा में शामिल हो जाएंगी और आज आखिरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उनको भाजपा की सदस्यता दिलवा ही दी। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश गंगवार और कांग्रेस नेता रेनू गंगवार ने भी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। अनुकृति गुसाईं ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। अनुकृति ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें भाजपा की प्रत्याशी महेंद्र दिलीप रावत से हार गई थी।
बीते दिनों पहले सीबीआई जांच और उसके बाद ईडी की छापेमारी के दौरान अनुकृति के लॉकर भी सील किए गए थे। साथ ही ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए भी तलब किया था। इसी दौरान 16 मार्च को अनुकृति गुसाईं ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्य से इस्तीफा दे दिया था। मीडिया ने जब अनुकृति से ईडी जांच के खौफ से भाजपा में आने से संबंधी सवाल किया तो इसका जवाब देने की बजाय वे 'बातें होती रहेंगी' कहते हुए चली गई। जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। ईडी की जांच में अभी तक कोई दोषी सिद्ध नहीं हुआ है। यदि दोषी सिद्ध होता है तो उसको पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा।