देहरादून: उत्तराखंड में 10 मई से चारधाम यात्रा का आगाज हो रहा है। चारधाम यात्रा के लिए इस बार श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन का रेकॉर्ड टूट गया है। एक हफ्ते के भीतर पंजीकरण की संख्या 12.48 लाख तक पहुंच गई है। इसी हफ्ते में पिछले साल लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने ही रजिस्ट्रेशन कराया था। पर्यटन विभाग ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू किया था। श्रद्धालुओं का उत्साह यूं देखा जा सकता है कि सिर्फ रविवार को ही एक लाख से ज्यादा यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।
पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, केदारनाथ के लिए 4 लाख 22 हजार 129, बदरीनाथ धाम के लिए 3 लाख 56 हजार 716, गंगोत्री धाम के लिए 2 लाख 31 हजार 983, यमुनोत्री धाम के लिए 2 लाख 19 हजार 619 और हेमकुंड साहिब के लिए 17 हजार 684 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। गौरतलब है कि 10 मई को केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने जा रहे हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट दो दिन बाद 12 मई को खोले जाएंगे।
दूसरी ओर, चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए भी प्रयास शुरू हो गए हैं। चुनाव आयोग से इजाजत लेकर उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग यात्रा मार्ग पर 267 डॉक्टरों की नियुक्ति रोटेशन के आधार पर लगाने पर विचार कर रहा है। इसमें फिजिशियन, सर्जन, पीजी चिकित्सक और टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ तैनात करने की योजना बनाई गई है। केदारनाथ-बदरीनाथ में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण भी चालू होने की बात स्वास्थ्य विभाग कह रहा है। बताया गया कि ये अस्पताल अगस्त माह तक पूरा हो जाएगा। यात्रा सीजन में यात्रा रूटों पर 100 से ज्यादा एंबुलेंस तैनात करने और एंबुलेंस की सुविधा 15 मिनट के भीतर यात्रियों को उपलब्ध कराने की भी योजना है। गंभीर केस वाले मरीजों के लिए हेली एंबुलेंस की सुविधा शुरू की जाएगी।