देहरादून: उत्तराखंड में तीर्थस्थलों और घूमने की दृष्टि से बेहतरीन स्थलों की कनेक्टिविटी पर बड़े पैमाने पर काम शुरू कर दिया है। इस प्रकार की योजना को प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार आगे बढ़ाती दिख रही है। 39 रोपवे परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार जल्द ही योजनाओं को मंजूर कर काम शुरू कराने की तैयारी में है। पर्वतमाला प्रोजेक्ट के तहत रोपवे निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। अभी धामी सरकार 39 रोपवे के निर्माण के लिए भौतिक जांच शुरू करा रही है।
उत्तराखंड में पर्वतमाला प्रोजेक्ट पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। 39 रोपवे के निर्माण के लिए फिजिबिलिटी टेस्ट शुरू हो गए हैं। सरकार के स्तर पर तैयार किए जाने वाले रोपवे में से 16 मानसखंड कॉरिडोर के तहत रखे गए हैं। रोपवे बनने से मानसखंड क्षेत्र में तीर्थाटन और पर्यटन में तेजी आने की संभावना है। मानसखंड कॉरिडोर को लेकर धामी सरकार ने मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसी स्वरूप में इसका विकास किया जाना है।
मानसखंड में पिछले कुछ वर्षों में आने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों को लेकर यात्रियों का रुझान बढ़ता दिख रहा है। कुछ दिन पहले पुणे से 300 से अधिक यात्रियों का दल मानस खंड के दर्शन के लिए आया है। यात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार सड़क नेटवर्क के साथ-साथ रोपवे नेटवर्क पर विशेष फोकस कर रही है।
मानसखंड कॉरिडोर के तहत नैनीताल में दो, अल्मोड़ा में सात, जागेश्वर में दो, पिथौरागढ़ में तीन और चंपावत में दो रोपवे प्रोजेक्ट निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। सरकार का कहना है कि पर्वतमाला योजना के तहत रोपवे प्रोजेक्ट के स्थान चिह्नित करने के बाद अभी इनकी फिजिबिलिटी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद निर्माण का कार्य शीर्ष प्राथमिकता के साथ शुरू किया जाएगा।
मानस खंड में रोपवे प्रोजेक्ट विकसित किए जाने से इस इलाके के मंदिरों और प्रमुख स्थानों तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहुंच आसान हो जाएगी। इस क्षेत्र में मुख्य रूप से श्री कैंची धाम, बाराही धाम देवीधूरा, रीठा साहिब, गोल्ज्यू मंदिर, पूर्णागिरी धाम, पिथौरागढ़ का हाट कालिका मंदिर, पाताल भुवनेश्वर, बागेश्वर में बागनाथ बैजनाथ, कोट भ्रामरी मंदिर, अल्मोड़ा में जागेश्वर मंदिर समूह, कटारमल सूर्य मंदिर, नंदा देवी मंदिर, कसार देवी मंदिर, बिनसर महादेव और हेड़ाखान मंदिर प्रमुख हैं। इन मंदिरों तक रोपवे के निर्माण के बाद पहुंचाना और भी आसान हो जाएगा।