देहरादून: उत्तराखंड में चल रही चार धाम यात्रा को लेकर पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रा संचालन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए छह सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है। अपर मुख्य सचिव वित्त आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गठित कमिटी से यात्रा प्राधिकरण को लेकर एक माह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। चार धाम यात्रा संचालन के लिए गठित हाई लेवल कमिटी में संयोजक सदस्य पर्यटन सचिव बनाए गए हैं। साथ ही, सदस्य के रूप में इसमें गृह सचिव, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था, गढ़वाल कमिश्नर और गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक को रखा गया है। कमिटी को प्रदेश भर में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है।
चार धाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए धामी सरकार ने शनिवार को 6 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। सरकार ने समिति से एक माह में यात्रा प्राधिकरण को लेकर रिपोर्ट मांगी है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कमिटी गठन से संबंधित आदेश जारी किए हैं। उनके अनुसार यह कमेटी राज्य के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर होने वाली यात्राओं के संचालन के लिए यात्रा प्राधिकरण या किसी अन्य संस्था के गठन पर स्टडी करेगी। इसके आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। एक महीने के भीतर इस संबंध में कमेटी को रिपोर्ट देना होगा।
सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रदेश में होने वाली विभिन्न धार्मिक यात्राओं के संचालन के लिए एक स्वतंत्र संस्था बनाने की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, पिछले कुछ सालों में चार धाम यात्रा में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ी है। चारों धाम और मंदिरों में दर्शन को सुलभ एवं सहज बनाने के प्रति सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है। यात्रा को व्यवस्थित रखने और इसकी नियमित समीक्षा के लिए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी यात्रा की नियमित गतिविधियों पर नजर रखेगी।
हाई लेवल कमिटी इसके साथ ही यात्रा से जुड़े अधिकारियों को समय-समय पर व्यवस्थित संचालन के लिए गाइडलाइन भी जारी करेगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना है कि चार धाम यात्रा के साथ ही कमेटी को राज्य में होने वाली अन्य प्रमुख यात्राओं के लिए कार्य योजना बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह कमेटी राज्य में होने वाली सभी यात्राओं के लिए विस्तृत कार्ययोजना सरकार को देगी।
चार धाम यात्रा में 15 दिनों में 200 करोड़ का कारोबार होने की रिपोर्ट सामने आई है। पिछले साल इस अवधि में इससे करीब आधा ही कारोबार हुआ था। 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा शुरू हुई थी। इसके बाद से लगातार तीर्थयात्रियों की भीड़ चार धामों पर उमड़ रही है। यात्रियों के रुझान ने उत्तराखंड में कारोबार को अलग स्तर पर ले जाते दिखा रहे हैं।
चार धाम में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रिकॉर्ड टूट रहे हैं। केदारनाथ धाम में 10 मई से शुरू हुई यात्रा के 15वें दिन 24 मई को श्रद्धालुओं की संख्या 4 लाख के पार चली गई। 15 दिनों में चारों धाम में 4 लाख 47 हजार तीर्थयात्री पहुंचे। केदारनाथ में वर्ष 2013 की यात्रा के पहले जितने तीर्थयात्री पूरे यात्रा काल में आते थे, वह आंकड़ा 20 दिन में ही पार करने की उम्मीद है। केदारनाथ धाम यात्रा 2012 में छह माह में 5 लाख 73 हजार यात्री पहुंचे थे।