देहरादून: चारधाम यात्रा के ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर 15 मई से रोक के चलते हरिद्वार में तीर्थयात्रियों ने सोमवार को हंगामा कर दिया। रजिस्ट्रेशन खोलने की मांग को लेकर हंगामा करते यात्रियों और पुलिस के बीच बहस भी हो गई। यात्रियों की जबरदस्त बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार ने 15 मई से चारधाम यात्रा के ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए थे। इस कारण यात्री हरिद्वार और ऋषिकेश में फंसे हुए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के उन्हें ऋषिकेश से आगे नहीं जाने देने के आदेश के चलते यात्री नाराज हो गए।
हरिद्वार में रजिस्ट्रेशन खुलने की राह देख रहे लोगों ने बताया कि 16 मई से हरिद्वार में रुके हुए हैं, लेकिन यहां रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो रहा है। पहले उन्हें बताया गया था कि 19 मई को चारधाम के लिए रजिस्ट्रेशन खुल जाएंगे, लेकिन आज 20 मई को काउंटर नहीं खुला है। ऐसे में यहां इंतज़ार करते-करते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ यात्रियों ने यह भी बताया कि वे धामों के लिए गाड़ियां भी बुक करा चुके थे, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण आगे नहीं जा पा रहे हैं। उधर, ट्रैवल एजेंसी वाले उनके पैसे वापस नहीं कर रहे हैं। एजेंसी वाले कह रहे हैं कि जब उनका रजिस्ट्रेशन होगा, तो वे यात्रा करा देंगे। प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं कि बड़ी संख्या में यात्रियों की भारी भीड़ होने के चलते सुरक्षा को देखते हुए रजिस्ट्रेशन अभी रोके गए हैं।
पंच केदारों में से द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट सोमवार को 11 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान से खोल दिए गए। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रवक्ता डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की प्रक्रिया मद्महेश्वर भगवान की देवडोली के पहुंचने के बाद सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई। स्वयंभू शिवलिंग को श्रृंगार रूप दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए।