देहरादून: उत्तराखंड के गढ़वाल में जबरदस्त बारिश हो रही है। पहाड़ों में भी बारिश का सिलसिला जारी है, देहरादून में दोपहर बाद से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। गुरुवार को दोपहर के बाद आई तेज बारिश से बद्रीनाथ हाईवे पर लामबागड़ के पास नाला उफान पर आ गया। इससे पानी के तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में मलबा बहकर सड़क पर आ गया। नाले का तेज बहाव देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को एहतियातन बद्रीनाथ और पांडुकेश्वर बैरियर पर रोक दिया। इसके बाद सड़क को खोलने का काम शुरू किया गया। लगभग आधे घंटे बाद हाईवे खोल दिया गया।
बदरीनाथ हाईवे पर बुधवार को भी पागल नाला उफान पर आ गया था, जिसके बाद सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात रोक दिया गया था। वहीं आज दोपहर बाद मूसलाधार बारिश के कारण नाला उफान पर आ गया। नाले के तेज बहाव के साथ पत्थर और मलबा भी सड़क पर आ गया। इससे आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया। इसे देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षा के मद्देनजर बद्रीनाथ और पांडुकेश्वर बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया।
रास्ते से मलबा हटाने के लिए जेसीबी को लगाया गया। लगभग आधे घंटे बाद रास्ता खोल दिया गया और यातायात सुचारु किया गया। मसूरी में भी दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। हालांकि तेज बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई जगह मलबा आ गया। बता दें कि मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है।
कुमाऊं मंडल में बारिश का रेड अलर्ट तो गढ़वाल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उधर पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यव्त हो गया है। दोनों जिलों के मुख्य मार्ग समेत कई सड़क बंद हैं और पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। कई इलाकों में भूकटाव और भूधंसाव भी हुआ है। चट्टानों के गिरने के कारण लोग दहशत में हैं।
देहरादून के गुच्चूपानी पर्यटक स्थल के पास टापू में दस युवक नदी के पानी का बहाव तेज होने के कारण फंस गए। बारिश के ऑरेंज अलर्ट और नदी किनारे न जाने की पुलिस की नसीहत को दरकिनार कर ये लोग नदी पार कर टापू पर पिकनिक मनाने के लिए गये थे, लेकिन ऊपरी क्षेत्र में तेज बारिश होने के कारण नदी का जल स्तर बढ़ गया। इसके कारण ये दस लोग टापू पर ही फंस गए। सूचना पर एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर टापू पर फंसे 10 लोगों को नदी के तेज बहाव से होते हुए कड़ी मशक्कत से नदी पार कराकर सुरक्षित रेस्क्यू किया।