देहरादून: मध्य प्रदेश की युवती से केदारनाथ में पुलिस द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। युवती ने केदारनाथ चौकी इंचार्ज पर पुलिस कैंप का दरवाजा बंद करने का आरोप लगाया है। एक साल बाद अब मुकदमा दर्ज किया गया। चौकी प्रभारी के साथ दारोगा को निलंबित कर दिया गया है।
पिछले साल मई में मध्य प्रदेश की युवती केदारनाथ धाम दर्शन को आई थी। युवती के किसी परिचित ने केदारनाथ धाम चौकी इंचार्ज को मदद के लिए फोन किया। चौकी इंचार्ज ने केदारनाथ में तैनात दारोगा को इसकी जिम्मेदारी दी। दारोगा ने युवती को पुलिस कैंप में ऐसी जगह पर रुकने की व्यवस्था की, जहां उससे वह छेड़खानी कर सके। युवती को यह कहकर कैंप में ठहराया गया कि वहां पर एक महिला सिपाही साथ रहेगी। युवती का आरोप है कि रात में कोई महिला सिपाही नहीं आई। उल्टे कैंप में तैनात दारोगा कुलदीप सिंह शराब के नशे में उसके पास पहुंचा और छेड़छाड़ करने लगा। उसने आरोपी से किसी तरह खुद को बचाया और चौकी इंचार्ज को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। युवती अगले दिन इंदौर लौट गई।
इंदौर से वॉट्सऐप के जरिए एसपी रुद्रप्रयाग से शिकायत की। इसके बाद एसपी ने सीओ गुप्तकाशी के नेतृत्व में एक समिति गठित की। कुछ दिन बाद जांच बंद कर दी गई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि तीन से अधिक बार युवती को फोन किया गया और समन भेजा गया, लेकिन वह न बयान दर्ज कराने रुद्रप्रयाग आई और न ही युवती ने जो नाम बताए वह मैच किए। इसके बाद युवती ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। वहां से जांच के निर्देश मिलने पर पुलिस महानिदेशक ने एसपी सिटी देहरादून के नेतृत्व में समिति बनाई। युवती के बयान दर्ज करने के बाद पिछले दिनों एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी। आरोपी दारोगा कुलदीप सिंह और केदारनाथ चौकी इंचार्ज मंजुल रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई है। 28 जून को एसपी रुद्रप्रयाग के निर्देश पर सोनप्रयाग कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।