देहरादून/उत्तरकाशी: गोमुख ट्रैक पर चीड़वासा के पास पुल टूटने से कांवड़िए फंस गए, जिनमें से 8 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, जबकि 32 अन्य कांवड़ियों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चल रहा है। पुल टूटने के कारण गुरुवार को दिल्ली निवासी दो कांवड़िए बह गए थे।
उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है। चारधाम यात्रा के लिए भले ही तीर्थयात्रियों की संख्या कम हो गई हो, लेकिन कांवड़ियों ने कांवड़ लेकर गोमुख पहुंचना शुरू कर दिया। पिछले दिनों से कई कांवड़िए गोमुख ट्रैक पर कांवड़िए पहुंच रहे हैं।
गुरुवार को गोमुख में 40 कांवड़िए गए थे। उनकी वापसी के दौरान चीड़वासा के पास नदी पर बना पुल टूट गया, जिससे कांवड़िए नदी पार नहीं कर पाए। कांवड़ियों के नदी के दूसरे छोर पर फंसने की सूचना पर गंगोत्री पुलिस चौकी से एसडीआरएफ को सूचना दी गई। अंधेरा और नदी के उफान पर होने के कारण रेस्क्यू अभियान नहीं चलाया जा सका। सुबह का उजाला होते ही एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ ने दोपहर तक आठ कांवड़ियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था, जबकि अन्य लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी था। एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम इंचार्ज सावर सिंह ने बताया कि बाकी कांवड़ियों के रेस्क्यू के लिए टीम लगातार काम कर रही है, जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
विदित हो कि दिल्ली के दो कांवड़िए सूरज और मोनू गुरुवार को उफनती नदी में बह गए। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल टूट गया था। इस दौरान पुल से गुजर रहे दो कांवड़िए भी नदी के तेज बहाव में भी गए, जबकि उनका एक साथी पुल पार करने के कारण बच गया।