देहरादून: केदारनाथ से बीजेपी की विधायक शैला रानी रावत का मंगलवार देर रात यहां के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 68 वर्ष की थीं। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि रावत पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर थीं। रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रावत के निधन पर शोक जताया है।
रावत ने 2012 में कांग्रेस के टिकट पर केदारनाथ सीट से चुनाव जीतकर पहली बार उत्तराखंड विधानसभा में जगह बनाई थी। हालांकि, 2017 में रावत चुनाव हार गई थीं, लेकिन 2022 में वह बीजेपी के टिकट पर एक बार फिर केदारनाथ से विधायक निर्वाचित हुईं। रावत कांग्रेस के उन 10 विधायकों में शामिल थीं, जिन्होंने 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ बगावत कर दी थी और बीजेपी में शामिल हो गई थीं।
बताया जा रहा है कि उन्हें कैंसर हो गया था। करीब तीन साल तक चले इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर घर आ गई थीं और राजनीति में सक्रिय हो गई थीं। 2022 विधानसभा चुनाव में वह जीतकर विधायक बनीं। बीते लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान वह ओंकारेश्वर मंदिर की सीढि़यों पर गिर गई थी। इसकी वजह से रीढ़ की हड्डी पर चोट आई थी। मेदांता अस्पताल में सर्जरी हुई थी। ठीक होकर वह वापस देहरादून आ गई थी। कुछ दिन पहले अचानक तबीयत फिर खराब हो गई। देहरादून के मैक्स अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद उनका निधन हो गया।