News on NEET 2024: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एनटीए ने NEET पर यू-टर्न लेते हुए ग्रेस मार्क्स वापस लेने का फैसला लिया है। जिन बच्चों को ग्रेस अंक मिले थे, उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए भी NTA तैयार हो गई है। इसी के साथ अब नीट मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का बयान आया है। एजुकेशन मिनिस्टर की बातें नीट पेपर लीक और परीक्षा में धांधली जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट करती हैं। पढ़िए उन्होंने क्या कहा?
'NEET Exam मामले में NTA माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उचित कार्यवाही करने को कटिबद्ध है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 1563 विद्यार्थियों की परीक्षा दोबारा करायी जाएगी।'
Education Minister ने आगे कहा कि 'नीट परीक्षा में किसी प्रकार की धांधली, भ्रष्टाचार या पेपर लीक की कोई भी पुख़्ता सबूत अभी तक सामने नहीं आया है। इससे संबंधित सारे तथ्य सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं और विचाराधीन हैं। मैं कांग्रेस को ये याद दिलाना चाहता हूं की पेपर लीक रोकने और नकल विहीन परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने इसी साल पब्लिक एग्जाम एक्ट (Public Examination Act- Prevention of Unfair Means) पारित किया है जिसमें कई कड़े प्रावधान हैं। कांग्रेस इस गलतफहमी में ना रहे कि कोई भी नेक्सस पाया जाएगा तो उस पर कार्यवाही नहीं होगी। इस कानून के प्रावधानों को बहुत बारीकी से अमल में लाया जाएगा।'
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट मामले में कांग्रेस को आड़े हाथ हुए कहा, 'छात्रों के भविष्य पर राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी आदत है। राजनीतिक रोटियां सेंकने के बजाय कांग्रेस को भारत के विकास में योगदान देना चाहिए। इस मुद्दे पर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, वह केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है और इससे विद्यार्थियों के मानसिक शांति पर असर पड़ता है।'
'वर्तमान में नीट की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और इसे राजनीतिक आखेट का विषय बनाना न केवल अनुचित है बल्कि यह भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। केंद्र सरकार का ध्यान हमेशा छात्रों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने पर है। विपक्ष मुद्दाविहीन है, ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष बिना तथ्य जाने सिर्फ झूठ फैला रहा है। कांग्रेस अपनी ओछी राजनीति के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।'