देहरादून: उत्तराखंड में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। भारत निर्वाचन आयोग के चुनाव की घोषणा के बाद भाजपा ने दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए राजेंद्र भंडारी को बद्रीनाथ विधानसभा से टिकट मिला है, जबकि मंगलौर विधानसभा से करतार सिंह भड़ाना चुनाव लड़ेंगे। उत्तराखंड में भाजपा बहुमत में है, लेकिन उपचुनाव में भी दोनों सीटों पर कब्जा करने के लिए पूरी तैयारी से जुटी हुई है। एक तरफ जहां कांग्रेस फिलहाल इन सीटों पर कार्यकर्ताओं से मंथन करने के बाद ही प्रत्याशी घोषित करने के मूड में है।
राजेंद्र भंडारी लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। एन चुनाव के समय कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में जाने के पीछे कारण माना जा रहा था कि भाजपा से बद्रीनाथ विधायक को महेंद्र भट्ट को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना गया। इसके बाद भंडारी के लिए चुनाव जीतने का रास्ता खुल गया। भाजपा में जाने से भंडारी की बद्रीनाथ विधानसभा सीट से टिकट की बात तो पक्की हो गई। इसके साथ ही उनकी धर्मपत्नी रजनी भंडारी पर चल रहे मुकदमों के मामलों में भी राहत मिलने की उम्मीद भंडारी को थी। उपचुनाव के लिए भाजपा ने भंडारी को ही टिकट दिया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भंडारी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर आए थे।
हरिद्वार लोकसभा के अंतर्गत आने वाली मंगलौर विधानसभा सीट बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद खाली हुई थी। लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी इन दोनों ही सीटों पर जीत हासिल करना चाहती है। भाजपा ने करतार सिंह भड़ाना को मंगलौर सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। भड़ाना चार बार के सांसद और सात बार के विधायक रहे हैं। करतार सिंह भड़ाना बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उधर पूर्व विधायक स्व. हाजी सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे उबेदुररहमान उर्फ मोंटी को टिकट दिए जाने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं लेकिन बसपा अंसारी के बेटे को टिकट देगी या नहीं यह सवाल बना हुआ है। जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक रहे काजी निजामुद्दीन इस सीट प्रबल दावेदार हैं।
बसपा इस उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक स्व. सरवत करीम अंसारी के बेटे को टिकट देती है तो उन्हें सहानुभूति वोट मिल सकते हैं। वह चुनावी समीकरण को बिगड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मंगलौर उपचुनाव दिलचस्प सा होता नजर आ रहा है। चर्चा है कि हाजी और कई का गढ़ कहे जाने वाले मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के लोग जीत का सेहरा किसके सर पर बांधते हैं। मंगलौर विधानसभा सीट पर जनता फिर कोई इतिहास दोहराएगी या भाजपा अपने प्रत्याशी को जिताने में कामयाब होगी।