ट्रैवलर में सवार लोग चोपता-तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रिप के लिए निकले थे और चारधाम यात्रा इसका हिस्सा नहीं था। वाहन का ट्रिप कार्ड नहीं बनाया गया था। यात्रियों का पंजीकरण भी नहीं था। ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रिप कार्ड और पंजीकरण की बाध्यता सिर्फ चारधाम वाहनों और यात्रियों के लिए है। यह भी बात सामने आई है कि जब ब्रह्मपुरी में वाहन को पंजीकरण जांच के लिए रोका गया तो ड्राइवर ने चोपता तुंगनाथ ट्रिप पर जाने की बात कही थी, जिसके बाद वाहन को चेक पोस्ट से छोड़ दिया गया। वाहन में सभी सवार युवक थे। वाहन हरियाणा का था, जिसका एक साल पहले ही पंजीकरण किया गया था और उसे सभी दस्तावेज पूरे थे। वाहन में सभी लोग दिल्ली से बैठाए गए थे।

SDRF ने बताया कि ट्रैवलर नदी तट पर गहरी खाई में गिरा था, जहां पहुंचने में और घायलों को निकालने में काफी दिक्कत हुई। किसी तरह बचाव और राहत दल के कर्मी नीचे पहुंचे और शवों और घायलों को बाहर निकाला।

रेस्क्यू में लगी SDRF ने बताया कि एक्सिडेंट इतना भयावह था कि एक महिला गाड़ी से छिटककर लगभग 80 मीटर नीचे झाड़ियों में अटक गई थी। उसे सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया गया।

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सात व्यक्तियों को हेलिकाप्टर एंबुलेंस के जरिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। कोशिश रही कि घायलों को जल्द से जल्द उपचार मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके।

CM पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसी के साथ ही उन्होंने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर घायलों का हाल भी जाना। उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को कहा। CM ने चारधाम यात्रा मार्ग पर हुए हादसे की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग के अधिकारियों को चेताया कि दायित्व निर्वहन में शिथिलता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना की मैजिस्ट्रेट जांच भी होगी। CM ने कहा कि सड़क रख-रखाव करने वाली संस्था- लोक निर्माण विभाग, बीआरओ और एनएचएआई को सड़कों की दशा में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया और कहा कि अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है। PMO ने X पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि पीएम मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की राशि, जबकि हादसे में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है।

- 6 जून को चमोली में कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर ग्वालदम से थराली की ओर जा रहा एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वाहन में सवार दो लोगों में से चालक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
- 7 जून को चमोली में बदरीनाथ नेशनल हाइवे पर एक बोलेरो के खाई में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई।
- 9 जून को नैनीताल के बेतालघाट में एक पिकअप वाहन गहरी खाई में गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 13 लोग घायल हो गए।
- 9 जून को ही देवप्रयाग में बाइक और एंबुलेंस की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल गंभीर रूप से घायल हो गए।
- 11 जून को सीमांत जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में 11 जून को धारचूला-तवाघाट मार्ग पर कार खाई में गिर गई जिसमें 12 साल के बच्चे समेत परिवार के दो लोगों की मौत हो गई और 8 साल का एक बच्चा गंभीर घायल हो गया।
- 11 जून को उत्तरकाशी में तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो महिलाओं ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। हादसे में 26 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।