देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में घूमने जाने वालों के लिए यहां का गुच्चू पानी यानी रॉबर्स केव काफी फेमस है। संकरे चट्टानों के बीच बने रास्ते से गुजरते समय नीचे पानी की धार बहती है। तेज गर्मी के बीच यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में पर्यटक पतले रास्ते से गुजरते दिखाई पड़ रहे हैं। यह वीडियो ऐसा है, जिसे देखकर ही दम घुट रहा है। लोगों ने इसको लेकर सवाल भी उठाए हैं।
उत्तराखंड के देहरादून के गुच्चू पानी गुफा का एक वीडियो सामने आया है। हालांकि यह वीडियो किस तारीख का है, यह स्पष्ट नहीं है। इसमें देखा जा सकता है कि वहां पर हजारों की संख्या में पर्यटक एक साथ पहुंच गए हैं और उस दो पहाड़ियों के बीच बनी संकरी जगह से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। यहां पुरुष, महिला और बच्चे, बुजुर्ग सभी कतार में लगकर गुफा को पार करते हुए दिख रहे हैं।
ऐसा तब होता है जब लोगों की 'घूमने-फिरने' की खुड़क सिर्फ सोशल मीडिया पर एक दूसरे की रील देखकर भड़क उठती है और वो निकल पड़ते है एक अच्छी रील की खोज मे। गुच्चू पानी कभी अपने शांत वातावरण के लिए जाना जाता था लेकिन अब यहां गंध फैल चुकी है।
— Himalayan Hindu (@himalayanhindu) June 24, 2024
देखकर दम घुट रहा है।#Dehradun #Uttarakhand pic.twitter.com/qYTEHOxyUw
'ये देखकर ही दम घुट रहा है'
इस वीडियो के वायरल होने पर सोशल मीडिया पर यूजर्स प्रशासन पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। गुच्चू पानी गुफा के इस वीडियो पर यूजर्स प्रशासन पर निशाना साधते हुए सवाल पूछ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- क्या प्रशासन सो रहा है? ऐसी जगह पर इतनी भारी भीड़ को जाने की अनुमति दे दी, क्या आप इसी तरह पर्यटन को बढ़ावा देते हैं? वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा -दुखद! इस लापरवाह भीड़ पर प्रशासन की कोई रोक नहीं! एक और यूजर ने लिखा - ये देखकर ही दम घुट रहा है।
देहरादून का गुच्चू पानीः
— thehillnews.in (@thehill_news) June 24, 2024
यह वायरल वीडियो देहरादून के पिकनिक स्पॉट गुच्चू पानी (रॉबर्स केव) की है। यहां की क्षमता कुछ सौ पर्यटकों के लिए है, लेकिन सिर से सिर जुड़े कितने लोग यहां पहुंचे है। क्या ही इन्होंने लुत्फ उठाया होगा और क्या ही ठंडक का मजा आया होगा। pic.twitter.com/LrceK73QKk
प्राकृतिक चूना पत्थर से बनी हुई गुफा को अपनी प्राकृतिक सुंदरता, रहस्यमय वातावरण के लिए जाना जाता है। इस गुफा को लेकर कई तरह की कहानी है। पहली तो यह है कि इसे डाकुओं की गुफा भी कहा जाता है। अंग्रेजों के समय में डाकू यहां छिपते थे। इस समय चिपचिपी गर्मी और उमस से निजात पाने के लिए लोग पहाड़ों पर घूमने जा रहे हैं।